मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में निर्माणाधीन मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। पिछले 17 दिनों से धरने पर बैठे ग्रामीणों के समर्थन में अब सांसद हरेंद्र मलिक भी उतर आए हैं। सोमवार को धरना स्थल पर पहुंचे सांसद ने प्रदूषण विभाग और प्रशासन पर खुलकर निशाना साधा और प्रदर्शनकारियों को अपना पूरा समर्थन दिया।
सांसद ने कहा कि मेडिकल वेस्ट प्लांट से पूरे क्षेत्र की भूमि, जल और हवा प्रदूषित होगी। इसका असर न सिर्फ फसलों पर पड़ेगा, बल्कि भविष्य की पीढ़ियां यानी “नस्लें” भी बर्बाद हो जाएंगी। उन्होंने क्षेत्र में पहले से बढ़ती कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि यह सब प्रशासन और प्रदूषण विभाग की मिलीभगत से हो रहा है।
हरेंद्र मलिक ने धरने को राजनीतिक रंग न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम कर रहे हैं। साथ ही घोषणा की कि वह मुजफ्फरनगर के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार और राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल से इस विषय पर सीधे संवाद करेंगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि शुरुआत में उन्हें आइस फैक्ट्री की जानकारी दी गई थी, लेकिन बाद में मेडिकल वेस्ट प्लांट का बोर्ड लगाकर उन्हें धोखा दिया गया। उन्होंने कहा कि वे किसी भी कीमत पर इस फैक्ट्री को चलने नहीं देंगे, चाहे उन्हें कानूनी या सामूहिक कदम क्यों न उठाने पड़ें।
हरेंद्र मलिक ने कहा कि यह जिला पहले से भयंकर प्रदूषण की चपेट में है और जिम्मेदार अधिकारी केवल अपनी जेब भरने में व्यस्त हैं। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को विधानसभा में विधायक पंकज मलिक और लोकसभा में उन्होंने स्वयं उठाया है।










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