मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जिले की एक स्थानीय अदालत ने वर्ष 2019 में हुए एक हत्या के मामले में चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनमें से एक आरोपी को अतिरिक्त रूप से तीन साल के कठोर कारावास और जुर्माने की भी सजा सुनाई गई है। यह फैसला जिला न्यायालय की एडीजे-06 न्यायाधीश श्रीमती रेखा सिंह की अदालत ने सुनाया।
मामला 30 अगस्त 2019 का है, जब थाना छपार क्षेत्र के ग्राम सिसौना निवासी मेहरूनिशा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बेटे शेर मोहम्मद की चार लोगों ने घर में घुसकर लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी – समयदीन, हारून, आलमगीर और नासिर – चारों एक ही परिवार से हैं और ग्राम सिसौना के निवासी हैं।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसी दिन चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया और समयदीन के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी बंदूक भी बरामद कर ली। उसके खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत अलग से मुकदमा दर्ज किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में की गई साक्ष्य संकलन और अभियोजन की मजबूत पैरवी से केस मजबूत हुआ। क्षेत्राधिकारी सदर और थाना प्रभारी छपार की देखरेख में गवाहों को समय पर अदालत में प्रस्तुत किया गया। सरकारी अधिवक्ता कमलकांत ने सशक्त कानूनी पक्ष रखा।
अदालत ने चारों अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास और ₹10,000 के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही समयदीन को आयुध अधिनियम की धारा के अंतर्गत तीन वर्ष की अतिरिक्त सजा और ₹5,000 का जुर्माना भी लगाया गया।
फैसले के बाद क्षेत्र में न्यायिक व्यवस्था और पुलिस की विवेचना पर आम जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है। स्थानीय लोगों ने मुजफ्फरनगर पुलिस की तत्परता और ईमानदारी से की गई कार्रवाई की सराहना की है।










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