मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर पुलिस ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष अभियान चलाया है। इसी अभियान के तहत सिविल लाइन थाना पुलिस ने कांवड़ सेवा शिविरों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए एक चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जो नाम और भेष बदलकर कांवड़ सेवा शिविरों में आराम कर रहे यात्रियों के कीमती सामान जैसे मोबाइल, पर्स और पैसे चुराने की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस को लगातार सूचनाएं मिल रही थीं कि कांवड़ मार्ग और सेवा शिविरों के आसपास कुछ संदिग्ध युवक घूम रहे हैं, जिनकी गतिविधियां संदेहास्पद हैं। 14 जुलाई 2025 को रविवार देर रात, थाना सिविल लाइन पुलिस को मीनाक्षी चौक के पास एक विशाल कांवड़ सेवा शिविर के आसपास संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान ये युवक अपनी पहचान और उपस्थिति का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। कड़ाई से पूछताछ करने पर अभियुक्तों ने कबूल किया कि वे कांवड़ मेले के दौरान नाम और भेष बदलकर कांवड़ सेवा शिविरों में आराम कर रहे यात्रियों के कीमती सामान चुराते थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सुहैल उर्फ चौकस उर्फ शेरखान, उम्र 22 वर्ष, निवासी लहबावाला, थाना खतौली; आसिफ पुत्र अफजल, उम्र 20 वर्ष, निवासी लहबावाला, थाना खतौली; अफसारプत्र शब्बीर, उम्र 24 वर्ष, निवासी शाहबुद्दीनपुर रोड, थाना खतौली; शाहिद पुत्र नसरुद्दीन, उम्र 20 वर्ष, निवासी कुशा मंडी, थाना नई मंडी; और आबिद पुत्र महमूद, उम्र अज्ञात, निवासी योगेंद्र पूरी, थाना सिविल लाइन के रूप में हुई है।
मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने पुलिस लाइन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में बताया, “कांवड़ मेले के दौरान चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और हमारी सर्विलांस टीम कांवड़ मार्ग और सेवा शिविरों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने में जुटी है। इस अभियान के तहत पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जो कांवड़ यात्रियों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।” पुलिस ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुजफ्फरनगर पुलिस कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर सक्रिय है। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए। इस कार्रवाई को कांवड़ यात्रा की सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।










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