शामली। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के दौरान शामली जिले के गढ़ी पुख्ता क्षेत्र के गांव गंदेवरा संगम के पास एक ऐसी घटना घटी, जिसे श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ की कृपा और गौ माता का आशीर्वाद माना।
पिंडौरा गांव के श्रद्धालु सावन भोला, जो 121 लीटर गंगाजल की कांवड़ ला रहे थे, उनके साथ श्रवण भोला (71 लीटर) और रवि भोला (21 लीटर) भी थे। जब ये लोग नहर किनारे की सड़क से गुजर रहे थे, तभी अचानक एक गौमाता उनके सामने आकर खड़ी हो गईं।
बताया गया कि गौमाता करीब एक घंटे तक कांवड़ उठाने नहीं दे रही थीं। कभी वे कांवड़ को सूंघतीं, कभी गौर से देखतीं। श्रद्धालु हतप्रभ भी थे और भावुक भी।
श्रवण भोला ने बताया कि उन्होंने तुरंत गांव के पंडित से संपर्क किया। पंडित ने कहा कि यह कोई साधारण बात नहीं, बल्कि कोई शुभ संकेत हो सकता है। पंडित ने सुझाव दिया कि बरगद या गुल्लर के पेड़ के नीचे से निकलने से पहले दक्षिणा अर्पित करो और गौमाता को हाथ जोड़ो।
श्रद्धालुओं ने जैसे ही वैसा किया, गौमाता ने स्वयं रास्ता छोड़ दिया। इस यात्रा में उनके साथ अर्जुन, सूरज, प्रिंस और सुधीर जैसे सहयोगी भी मौजूद थे, जिन्होंने पूरी घटना को अत्यंत आस्था और सम्मान के साथ देखा।











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