मुजफ्फरनगर। सिविल लाइन पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान जिले में एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। पुलिस ने पांच युवकों को गिरफ्तार किया है जो कांवड़ियों के वेश में शिविरों में घुसकर न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे थे, बल्कि उनका मकसद श्रद्धालुओं में वैमनस्य फैलाकर कानून व्यवस्था बिगाड़ना भी था। पकड़े गए सभी आरोपी मुस्लिम समुदाय से हैं, जो फर्जी हिंदू नाम बताकर सेवा शिविरों में घुसे थे।
पुलिस के अनुसार यदि समय रहते इनकी पहचान और गिरफ्तारी न होती, तो धार्मिक सौहार्द को नुकसान पहुंचने की आशंका थी। गिरफ्तार सभी युवकों पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और ये पूर्व में चोरी के आरोप में भी पकड़े जा चुके हैं।
पकड़े गए आरोपियों के नाम और पते:
- सुहैल उर्फ चोकड उर्फ शेरखान (22 वर्ष) पुत्र नसीम, निवासी लद्दावाला, थाना कोतवाली नगर
- आसिफ (20 वर्ष) पुत्र अफजाल, निवासी लद्दावाला, बिलाल मस्जिद के पास
- आसिफ (24 वर्ष) पुत्र शमशाद, निवासी शाहबुद्दीनपुर रोड, आयशा मस्जिद के पास
- शादाब (20 वर्ष) पुत्र नूरहसन उर्फ इद्दू, निवासी कूकड़ा मंडी, थाना नई मंडी
- आबिद (34 वर्ष) पुत्र महफूज, निवासी केवलपुरी, पेड़ वाली गली, थाना सिविल लाइन
इन पर थाना सिविल लाइन में मुकदमा संख्या 180/25 अंतर्गत धारा 298/318(4)/319(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी को जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि 14 जुलाई 2025 को भी इन पांचों को कांवड़ शिविरों के आसपास संदिग्ध रूप से घूमते हुए सिविल लाइन पुलिस ने पकड़ा था और निरोधात्मक कार्यवाही की थी। उस समय भी ये चोरी की नीयत से क्षेत्र में घूम रहे थे।
पकड़े गए आरोपियों में सुहैल, आसिफ, शादाब और आबिद के खिलाफ पहले से ही चोरी, हथियार अधिनियम, आबकारी अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं। खासतौर पर आबिद के खिलाफ तो दर्जनों मामले सिविल लाइन थाने में दर्ज हैं।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी श्रद्धालुओं की वेष-भूषा में शिविरों में घुसकर न केवल मोबाइल और सामान चोरी करने की फिराक में थे, बल्कि उनका उद्देश्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाकर आपसी वैमनस्य फैलाना था।
इस पूरे मामले की जांच के लिए अभिसूचना इकाई और थाना सिविल लाइन की एक संयुक्त टीम के साथ एसआईटी का गठन किया गया है। साथ ही सभी आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोलने और गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की संस्तुति भी की जा रही है।
यह गिरफ्तारी कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है और इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस प्रशासन की सतर्कता के चलते एक बड़ी साजिश टल गई।










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