मुजफ्फरनगर। खतौली पुलिस द्वारा 3 दिसंबर को गिरफ्तार किए गए कथित ब्लैकमेलर विनय जैन उर्फ किक्की जैन के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जेल भेजे जाने के कुछ ही समय बाद, विनय जैन तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती हो गया, जिससे स्थानीय व्यापारियों और पीड़ितों में आक्रोश फैल गया है।
एसएसपी कार्यालय पहुंचे व्यापारी, की कड़ी कार्रवाई की मांग-
इस घटनाक्रम से परेशान खतौली के व्यापारी और पीड़ित लोग एकजुट होकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे और किक्की जैन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। व्यापारियों ने इस कार्रवाई के लिए एसपी संजय कुमार वर्मा को फूलों का बुके देकर सम्मानित भी किया। उनका स्पष्ट कहना था कि अगर विनय जैन जल्द ही जेल से बाहर आया, तो इससे डर का माहौल बनेगा और कई और लोग खतौली छोड़ने पर मजबूर हो सकते हैं।
बिजली और एमडीए के नाम पर करता था ठगी-
पीड़ितों ने बताया कि विनय जैन बिजली विभाग और एमडीए (मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण) विभाग के नाम पर लोगों को धमकी देता था और फर्जी नोटिस भेजकर ठगी करता था। वह पहले भी इसी तरह के मामलों में जेल जा चुका है।
चला रखा था उगाही का गिरोह, 10 परिवार कर चुके हैं पलायन-
खतौली व्यापार मंडल के अध्यक्ष महेश कुमार गुप्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि विनय जैन ने व्यापारियों और सरकारी विभागों से अवैध उगाही के लिए बाकायदा एक गिरोह बना रखा था। उसके पास सभी विभागों के स्टांप और मोहरे थे, जिनका इस्तेमाल कर वह फर्जी दस्तावेज़ बनाता था।
गुप्ता ने दावा किया कि विनय जैन की वजह से खतौली के लोग बेहद परेशान हैं और अब तक दस परिवार डर के मारे पलायन कर चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई और वह जेल से बाहर आया, तो पचास और परिवार खतौली छोड़ने के लिए तैयार हैं।
व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा कि फिलहाल विनय जैन अस्पताल में है, जेल में नहीं। उन्होंने प्रशासन के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया कि उसे अधिकतम समय तक जेल में ही रखा जाए।










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