नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने पर लोकसभा में विशेष चर्चा हुई, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली।
PM मोदी बोले: वंदे मातरम् ने आज़ादी के सपने को सींचा-
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हम इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं।” उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ को देश की प्रेरणा बताते हुए कहा, “आज़ाद भारत के सपने को वंदे मातरम् की भावना ने सींचा था, और समृद्ध भारत के सपने को भी यही भावना सींचेगी।”
पीएम ने ज़ोर दिया कि भारत पर जब-जब संकट आया, देश इसी भावना के साथ आगे बढ़ा। उन्होंने आपातकाल और युद्धों का ज़िक्र करते हुए कहा, “जब देश की आजादी को कुचलने की कोशिश हुई… आपातकाल थोपा गया तो यही वंदे मातरम् की ताकत थी कि देश खड़ा हुआ।” उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य में भी इस गीत की भावना को महत्वपूर्ण बताया।
अखिलेश यादव का पलटवार: BJP हर चीज़ पर करना चाहती है कब्ज़ा-
प्रधानमंत्री के संबोधन और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के बाद, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चर्चा में हिस्सा लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि ‘वंदे मातरम्’ ने आज़ादी की लड़ाई में जान डाली और देश को एकजुट किया।
हालांकि, उन्होंने सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “सत्ता पक्ष हमेशा सब कुछ अपना बनाना चाहता है। ये लोग हर बात का श्रेय लेना चाहते हैं, जो महापुरुष इनके नहीं हैं, ये लोग उन पर भी कब्ज़ा करने की कोशिश करते हैं।” उन्होंने तंज़ कसा कि भाजपा की बातों से ऐसा लगता है कि ‘वंदे मातरम्’ भी उन्हीं का बनवाया हुआ गीत है।
अखिलेश यादव ने आगे कहा, “वंदे मातरम् सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं है, बल्कि इसका पालन करने के लिए है।” उन्होंने कटाक्ष किया, “जिन्होंने कभी आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, वे वंदे मातरम् का महत्व कैसे समझेंगे? वे ‘राष्ट्रवादी’ नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी लोग हैं।”











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