मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) विधानमंडल दल के नेता राजपाल बालियान ने उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री से मुलाकात कर बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने ऊर्जा निगम द्वारा सरचार्ज और बिल माफी योजना में लगाए गए ‘2 किलोवाट’ के नियम पर आपत्ति जताते हुए इसे बढ़ाने की मांग की है।
प्रमुख मांगें और तर्क-
दायरा बढ़ाने की अपील: राजपाल बालियान ने कहा कि वर्तमान में ऊर्जा निगम केवल 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को छूट दे रहा है, जिससे लगभग 50% उपभोक्ता लाभ से वंचित रह गए हैं। उन्होंने मांग की कि इस सीमा को बढ़ाकर 4 किलोवाट किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के मध्यमवर्गीय परिवारों को भी राहत मिल सके।
ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा: उन्होंने ऊर्जा मंत्री को बताया कि मुजफ्फरनगर समेत पूरे प्रदेश का एक बड़ा देहाती इलाका इस नई शर्त के कारण योजना का लाभ नहीं उठा पा रहा है। पिछले वर्षों में यह सीमा 4 किलोवाट तक थी, जिसे इस बार घटा दिया गया है।
अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग: बालियान ने सुझाव दिया कि बिजली बिल जमा करने और छूट योजना का लाभ लेने की अंतिम तिथि को और आगे बढ़ाया जाना चाहिए, क्योंकि मुजफ्फरनगर में अभी भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता पंजीकरण नहीं करा पाए हैं।
राजपाल बालियान के इस कदम से जिले के उन हजारों उपभोक्ताओं में उम्मीद जगी है, जिनके पास 2 से 4 किलोवाट के कनेक्शन हैं। यदि सरकार इस मांग को मानती है, तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों और व्यापारियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।










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