नई दिल्ली। बीते पांच दिनों में इंडिगो की 2,000 से अधिक उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्री बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सख्त कदम उठाए हैं। शनिवार को मंत्रालय ने एयरलाइन को स्पष्ट निर्देश दिए कि वह रविवार शाम तक रद्द उड़ानों के लिए किराया वापसी (रिफंड) की पूरी प्रक्रिया अनिवार्य रूप से समाप्त करे।
रिफंड को लेकर सख्त अल्टीमेटम-
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो द्वारा शनिवार को पांचवें दिन भी 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द किए जाने के कारण पैदा हुई अराजकता के एक दिन बाद, मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय ने अपने बयान में चेतावनी दी कि रिफंड प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी या आदेश का पालन न करने पर तत्काल नियामक कार्रवाई की जाएगी।
निर्देश के अनुसार-
सभी रद्द या बाधित उड़ानों का किराया रविवार रात 8 बजे तक वापस हो जाना चाहिए।
एयरलाइन उन यात्रियों से कोई भी रीशेड्यूलिंग शुल्क नहीं वसूल सकती, जिनकी यात्रा रद्दीकरण से प्रभावित हुई है।
सामान लौटाने के लिए 48 घंटे की समयसीमा-
मंत्रालय ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि उड़ान रद्द होने या देरी के कारण जो सामान यात्रियों से अलग हो गए हैं, उनका पता लगाया जाए और अगले 48 घंटों के भीतर यात्रियों को सौंप दिया जाए।
स्वचालित रिफंड और विशेष सहायता प्रकोष्ठ-
शनिवार को देशभर में 400 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं। यात्रियों की सुविधा के लिए, इंडिगो को समर्पित यात्री सहायता और रिफंड सुविधा प्रकोष्ठ (हेल्प डेस्क) स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। इन प्रकोष्ठों का काम प्रभावित यात्रियों से सक्रिय रूप से संपर्क करना और यह सुनिश्चित करना है कि रिफंड और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्थाएं बिना किसी अतिरिक्त भागदौड़ के पूरी हो जाएं। मंत्रालय ने कहा, “स्वचालित रिफंड की प्रणाली तब तक सक्रिय रहेगी जब तक परिचालन पूरी तरह से स्थिर नहीं हो जाता।











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