मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार में कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा राज्य मंत्री और सदर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने एक उद्योगपति से 50 लाख की रिश्वत मांगने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी हिमांशु के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) के पदाधिकारियों को भेजे गए नोटिसों को तत्काल निरस्त करने की बात कही है। जिसके बाद अफसर को निलंबित कर दिया गया है।
मंत्री कपिल देव ने प्रमुख सचिव एम. देवराजन और मेरठ मंडल के कमिश्नर नितिन बंसल से वार्ता कर दोषी अधिकारी की तत्काल जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल रिश्वत का नहीं, बल्कि सरकार और उद्यमियों के बीच के भरोसे का है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के खिलाफ हैं और इससे सरकार की छवि को नुकसान पहुंचता है। मंत्री ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार व्यापार, उद्योग और निवेश को एक सुरक्षित, पारदर्शी और सहयोगपूर्ण माहौल प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने दोहराया कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी, जो उद्योग जगत के साथ अनुचित व्यवहार करता है या भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कपिल देव अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार उद्योगों को सम्मान और हरसंभव सहायता देने के लिए कटिबद्ध है।
दरअसल आज दिन में हुए एक चौंकाने वाले खुलासे में, GST विभाग के एक अधिकारी पर उद्यमियों से हफ्ता वसूली और रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। ऑल इंडिया इंडस्ट्री एसोसिएशन (IIA) ने मामले में खुलकर विरोध दर्ज कराते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी ।
IIA अध्यक्ष अमित जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि GST विभाग के एक अधिकारी ने एक उद्यमी से होटल में मिलकर 50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। जब सौदेबाजी शुरू हुई, तो अधिकारी 10 लाख रुपये नकद और हर महीने 50,000 रुपये हफ्ते के रूप में देने की डील करने लगा। इस दौरान उसने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर डराने-धमकाने का प्रयास भी किया और अपने साथ एक अन्य व्यक्ति को “भाई” के रूप में पेश किया, जो उद्यमी को और धमका रहा था।
यह पूरा मामला उस समय और गंभीर हो गया जब GST विभाग के डीसी मनोज शुक्ला ने उल्टा IIA चेयरमैन को एक नोटिस जारी कर साक्ष्य सहित उपस्थित होने का आदेश दे दिया। दरअसल, IIA द्वारा अपने आंतरिक ग्रुप में उद्यमियों को सचेत करने के लिए जो मैसेज भेजा गया था, उसे किसी व्यक्ति ने डीसी तक पहुंचा दिया था।
IIA ने इस घटनाक्रम को संगठित वसूली रैकेट बताते हुए कहा कि यह केवल एक उद्यमी तक सीमित नहीं है बल्कि कई व्यापारियों को इसी तरीके से डराया गया है। संगठन ने GST अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच कराने की मांग की है। IIA ने उद्यमियों से अपील की है कि वे इस प्रकार की घटनाओं को छिपाएं नहीं, बल्कि संगठन से संपर्क कर सुरक्षा प्राप्त करें।
इस प्रकरण के विरोध में IIA के पचास से अधिक पदाधिकारी और सदस्य GST कार्यालय पहुंचे और जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोपी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की। अश्विनी खंडेलवाल, नीरज केडिया, अशोक अग्रवाल, पवन गोयल, मनोज अरोड़ा, विपुल भटनागर, राहुल मित्तल, अमन गुप्ता, सुशील अग्रवाल, दीपक सिंघल, सुधीर अग्रवाल, नमन जैन, अनमोल गर्ग, समर्थ जैन, अरविंद मित्तल, डॉ. यशपाल सिंह, अनुराग अग्रवाल, नईम चांद, वैभव मित्तल, अनूप भाटिया सहित अन्य दर्जनों उद्यमी शामिल थे। IIA ने स्पष्ट किया है कि संगठन व्यापारियों के सम्मान और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन का रुख भी अपनाया जाएगा।
ज्वाइंट कमिश्नर एसआइबी सिद्धेष चन्द्र दीक्षित ने बताया कि आईआईए अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने श्री सनमती एक्जिम इकाई संचालक से राज्यकर अधिकारी एसआइबी हिमांशु सुधीर लाल पर ब्लैकमेल कर भारी धनराशि रिश्वत के रूप में मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र दिया है। स्थानांतरण के बाद 23 जून 2025 को ही फिरोजाबाद से आकर उन्होंने ज्वाइन किया था। आरोप है कि राज्यकर अधिकारी की ओर से निजी पासवर्ड आइडी का प्रयोग कर डाटा चुराकर उसके माध्यम से उद्यमी को ब्लैकमेल किया जा रहा था। उच्चाधिकारियों को भी बता दिया गया है। देर रात बताया गया कि प्रमुख सचिव देवराज ने आरोपी अफसर को निलंबित कर दिया है।










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