मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के कटघर थानाक्षेत्र के गुलाबबाड़ी चुंगी के पास शराब की दुकान के बाहर शुक्रवार की देर रात करीब एक बजे ठेकेदार सारिक ने दो दोस्तों शाहनवाज उर्फ बबलू (35) और जुनैद (32) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। सारिक दिल्ली में लोहे की सीट कटिंग का ठेका लेकर शाहनवाज और जुनैद से काम कराता था। इसी काम के 45 हजार रुपये शाहनवाज के सारिक पर निकल रहे थे। इन रुपयों को लेकर ही दोनों के बीच रंजिश चल रही थी। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
मारे गए शाहनवाज और जुनैद गलशहीद थानाक्षेत्र के असालतपुरा निवासी थे। शाहनवाज के भाई फईम ने बताया कि असालतपुरा में ही रहने वाला सारिक लोहे की सीट कटिंग ठेकेदार है। उसने दिल्ली में लोहे की सीट कटिंग का ठेका लिया था।
सारिक सीट कटिंग के लिए शाहनवाज और जुनैद को दिल्ली ले गया था। शाहनवाज और जुनैद के करीब 45 हजार रुपये मजदूरी के सारिक पर निकल रहे थे लेकिन सारिक ने दोनों से कह दिया कि उसे ठेके में नुकसान हो गया है। वह भुगतान नहीं कर पाएगा। इसी बात को लेकर सारिक और शाहनवाज के बीच रंजिश चल रही थी।
शाहनवाज ने दिल्ली जाकर उस दुकान पर काम शुरू कर दिया जिस पर सारिक की ठेकेदारी चल रही थी। इस बात से सारिक शाहनवाज से भड़का हुआ था। फईम का कहना है कि शुक्रवार रात सारिक उसके भाई शाहनवाज और जुनैद को अपने साथ गुलाबगाड़ी चुंगी के पास शराब की दुकान पर ले गया। आरोपी ने दोनों को शराब पिलाई।
रात करीब एक बजे सारिक ने शाहनवाज उर्फ बबलू पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बचाने आए जुनैद पर भी चाकू से हमले किए। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो शाहनवाज की मौत हो चुकी जबकि जुनैद की सांसें चल रही थीं।
घटना की जानकारी मिलने पर शाहनवाज और जुनैद के परिजन भी आ गए। पुलिस ने जुनैद को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान देर रात उसने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ने फईम की तहरीर पर सारिक के खिलाफ केस दर्ज कर शनिवार की देर रात आरोपी सारिक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
हत्यारोपी सारिक ने शाहनवाज उर्फ बबलू के घर आकर धमकी दी थी कि वह उसकी हत्या कर देगा। शाहनवाज के भाई फईम का कहना है कि सारिक ने कहा कि शाहनवाज ने उसका काम छीन लिया है। अब वह उसकी जिंदगी छीन लेगा। दिल्ली से लौटने का इंतजार कर रहा हूं। शहनवाज घर लौटा तो आरोपी उसे बहाने से बुलाकर ले गया और हत्या कर दी।
फईम ने बताया कि सारिक ने उसके भाई से काम कराया था लेकिन मजदूरी के पैसे नहीं दे रहा था। शाहनवाज को अपनी बेटियों के एडमिशन और घर का खर्च चलाने के लिए रुपयों की जरूरत थी। सारिक दिल्ली में बीच में ही ठेका छोड़कर आ गया था। उसने यहां आकर बता दिया कि उसे नुकसान हो गया है जिस कारण वह अब मजदूरी के पैसे नहीं दे पाएगा।
दिल्ली जाकर शाहनवाज ने बात की तो पता चला कि सारिक दुकानदार से पूरा पैसा लेकर चला गया है। दुकानदार ने कहा कि अब वह सारिक से काम नहीं कराएगा। अगर तुम्हें काम करना है तो कर लो। तुम्हारे काम का भुगतान किया जाएगा। शाहनवाज ने काम शुरू कर दिया और अपने परिवार को सूचना दे दी। इसकी भनक लगने पर कई बार सारिक शाहनवाज के घर पहुंचा और धमकी दी कि उसने मेरा काम छीन लिया है। वह दिल्ली से लौटकर आएगा तो जिंदा नहीं छोडूंगा।
शुक्रवार की रात शाहनवाज घर आया तो इसकी जानकारी सारिक हो गई। वह बहाने से अपने साथ शराब की दुकान पर ले गया और साजिश के तहत हमला कर हत्या कर दी। बचाने आए जुनैद को उसने नहीं बख्शा। उसे भी मौत के घाट उतार दिया।
कटघर थाने की पुलिस और एसओजी ने शनिवार की देर रात आरोपी को कटघर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी क्योंकि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने घटनास्थल पर ही मोबाइल बंद करने के बाद भाग गया था। इसके बाद पुलिस ने उसके फोन को ट्रेस करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। दिनभर पुलिस की टीमें हत्यारोपी की तलाश में जुटी रहीं, देर रात सफलता मिल।
जुनैद के पिता अब्दुल कलाम की भी मौत हो चुकी है। उसके परिवार में मां मुस्तर जहां, भाई अबुजैद और बहन उमेरा है। जुनैद का दो साल पहले पत्नी से तलाक हो चुका था। जुनैद की दो बेटियां हैं। तलाक के बाद जुनैद ही अपनी बेटियों को पाल रहा था।
हमलावर सारिक ने शराब की दुकान के बाहर दोनों पर चाकू से हमला किया जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरुआत में लोगों को लगा कि शराब पीने वाले युवकों के बीच मारपीट हुई है। अंधेरा होने के कारण सही जानकारी नहीं हो पाई। करीब एक घंटे तक दोनों मौके पर ही पड़ रहे। इसके बाद लोगों ने मौके पर जाकर देखा तो दूर तक खून ही खून फैला हुआ था। तब तक शाहनवाज की मौत हो चुकी थी। पुलिस और परिजन आए तो जुनैद को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
शराब की दुकान बंद होने के बाद नहीं आने दिया घर : पुलिस को आस पड़ोस के लोगों से पूछताछ में पता चला कि दस बजे शराब की दुकान बंद हो गई थी। इसके बाद ही सारिक ने शाहनवाज और जुनैद को घर नहीं जाने दिया। उसने पहले ही शराब खरीदकर रख ली थी। बिजली गुल होने के बाद भी शराब की दुकान के बाहर ही तख्त पर बैठकर तीनों शराब पीने लगे। अंधेरा होने पर आरोपी ने पहले शाहनवाज और फिर जुनैद पर हमला कर दिया।
गलशहीद के असालतपुरा निवासी शाहनवाज उर्फ बबलू की पत्नी की तीन साल पहले मृत्यु हो गई थी। घर में दो बेटियां सुयेबा (10) और अस्का (8) है। शाहनवाज के भाई फईम ने बताया कि दोनों बेटियों का एडमिशन कराने के लिए शाहनवाज दिल्ली से आया था। सोमवार को स्कूल जाकर एडमिशन की बात करनी थी। दोनों बेटियों की मां की पहले ही मौत हो गई थी और पिता का साया भी सिर से उठ गया है। घर में मां सलमा और दो अविवाहित बहनें भी हैं। शाहनवाज के पिता सहजादे की मृत्यु हो चुकी है। पूरे परिवार की जिम्मेदारी शाहनवाज और फईम के ऊपर थी।











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