नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस के नेतृत्व में ‘इंडी’ गठबंधन के नेताओं ने तीन नए श्रम कानूनों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन मकर द्वार के पास हुआ, जिसमें विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता शामिल थे।
विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए प्रमुख नेता-
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी
केसी वेणुगोपाल
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी
इनके अलावा, कई अन्य दलों के वरिष्ठ नेता भी प्रदर्शन में शामिल थे।
श्रमिक विरोधी कानून वापस लेने की माँग-
प्रदर्शनकारी नेता कतार में खड़े थे और उनके हाथों में पोस्टर-बैनर थे।
वे “श्रमिकों के हक बचाओ”, “कॉपोरेट जंगलराज को ना कहें”, “श्रमिक न्याय हो” और “श्रमिक विरोधी कानून वापस लो” जैसे नारे लगा रहे थे।
प्रदर्शनकारियों ने श्रम कानूनों को पूरी तरह से खत्म करने की मांग करते हुए संसद परिसर में नारेबाजी की।
सरकार पर ‘कॉरपोरेट जंगलराज’ का आरोप-
कांग्रेस और ‘इंडी’ गठबंधन का आरोप है कि ये नए श्रम कानून श्रमिकों के अधिकारों, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करते हैं।
विपक्ष का मानना है कि इन कानूनों से केवल कॉरपोरेट जगत को फायदा होगा और श्रमिकों का शोषण बढ़ेगा।











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