सावन का महीना आते ही हर तरफ भोलेनाथ के जयकारे सुनाई देने लगते हैं। यह महीना भगवान शिव को बेहद प्रिय माना जाता है। सावन के पहले ही दिन से शिवभक्त व्रत, पूजा और रुद्राभिषेक जैसे अनुष्ठान शुरू कर देते हैं। कहते हैं इस पवित्र माह में शिव की पूजा करने से मनचाहा वर मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यही वजह है कि लोग बड़े उत्साह और श्रद्धा से शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं, बेलपत्र चढ़ाते हैं और ओम नमः शिवाय का जाप करते हैं। ज्योतिषाचार्य रवि पाराशर के अनुसार, अगर सावन के पहले दिन ही सच्चे मन से शिव की पूजा की जाए, तो साल भर भगवान शिव की कृपा बनी रहती है। इस समय भोलेनाथ को प्रसन्न करना बेहद सरल होता है क्योंकि वे तो केवल जल मात्र से ही खुश हो जाते हैं। बस पूजा करते समय सही विधि और मंत्रों का ध्यान रखना चाहिए ताकि पूजा सफल हो और शिव जी की विशेष कृपा प्राप्त हो सके।
शिव पूजा के लिए जरूरी सामग्री-
- शुद्ध जल या गंगाजल
- दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत के लिए)
- बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल
- चावल, रोली, मोली, फल, फूल
- दीपक, अगरबत्ती, कपूर
- धूप, चंदन
- नारियल और मिठाई
शिव पूजा की आसान विधि-
- सबसे पहले स्नान करके साफ कपड़े पहन लें।
- पूजा स्थान को गंगाजल या शुद्ध जल से पवित्र करें।
- शिवलिंग को पहले शुद्ध जल या गंगाजल से स्नान कराएं।
- अब पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक करें।
- फिर से जल से शिवलिंग को धोकर साफ करें।
- अब बेलपत्र, धतूरा और आक के फूल चढ़ाएं।
- चंदन का तिलक करें, धूप-दीप जलाएं।
- मिठाई या फल अर्पित करें।
- ओम नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जप करें।
- अंत में आरती करें और भगवान से अपने परिवार की खुशहाली की कामना करें।
शिव पूजा के खास मंत्र
ओम नमः शिवाय..
महामृत्युंजय मंत्र:
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्.
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्..
इन बातों का रखें ध्यान-
शिव पूजा में कभी भी तुलसी पत्र का उपयोग न करें। पूजा के समय साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखें। बेलपत्र पर तीन पत्ते जरूर हों, कटे-फटे पत्ते न चढ़ाएं। कोशिश करें पूजा के बाद जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र दान करें।
सावन का पहला दिन भगवान शिव की पूजा का उत्तम अवसर होता है। इस दिन अगर श्रद्धा से शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाए जाएं तो सारे कष्ट दूर होते हैं। साथ ही परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इसलिए इस सावन, आसान विधि से भोलेनाथ की पूजा करें और उनका आशीर्वाद पाएं।











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