लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक अत्यंत शर्मनाक और हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। काकोरी इलाके में एक दलित बुजुर्ग के साथ सिर्फ इसलिए अमानवीय हरकत की गई, क्योंकि उन्होंने बीमारी के चलते मंदिर परिसर के पास पेशाब कर दिया था। आरोपी ने बुजुर्ग से जबरन अपना ही पेशाब चटवाया। इस घटना ने न केवल इंसानियत को शर्मसार किया है, बल्कि समाज में व्याप्त जातिवाद और मानवता पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
बीमारी के चलते की थी गलती-
यह मामला काकोरी थाना क्षेत्र के शीतला देवी मंदिर परिसर का है। यहां रहने वाले 65 वर्षीय दलित बुजुर्ग रामपाल, जो कि बीमार बताए जा रहे हैं, ने बीमारी की वजह से नियंत्रण खो दिया और मंदिर के पास ही पेशाब कर बैठे।
बस, इसी बात पर एक शख्स इतना आग बबूला हो गया कि उसने बुजुर्ग रामपाल के साथ अमानवीय और क्रूर हरकत कर दी। रामपाल ने जब इस अमानवीय कृत्य का विरोध किया, तो आरोपी ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और धमकाने की कोशिश की।
पीड़ित बुजुर्ग की आपबीती-
पीड़ित रामपाल ने दर्द भरी आवाज में अपनी आपबीती बताते हुए कहा, “मैं बीमार था… मंदिर में चढ़ाई नहीं कर पाया… बस वहीं पेशाब कर दी… उसने मुझे मारा और कहा – अब इसे चाटो… मैंने मना किया तो जातिसूचक शब्द बोले…”
वायरल वीडियो के बाद जागा गुस्सा-
इस अमानवीय घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा फैल गया और चौतरफा निंदा शुरू हो गई।
पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार-
पीड़ित रामपाल ने तत्काल काकोरी थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। काकोरी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं और एससी/एसटी (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं है, बल्कि मानवता पर एक गहरी चोट है। सवाल यह है कि 21वीं सदी के समाज में भी ऐसे लोग मौजूद हैं, जो जाति के आधार पर इंसानियत को कुचलने से भी नहीं डरते। इस घटना ने समाज के सामने जातिगत भेदभाव की कड़वी सच्चाई को एक बार फिर उजागर कर दिया है।










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