नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मंगलवार को दुनिया की कई दिग्गज कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने मुलाकात की। इनमें इंटेल के सीईओ लिप-बू टैन, माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला और कॉग्निजेंट के सीईओ रवि कुमार एस और उसकी भारतीय इकाई के एमडी एवं चेयरमैन राजेश वरियर शामिल थे। इन मुलाकातों में भारत में निवेश, विस्तार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।
इंटेल की सेमीकंडक्टर मिशन में भागीदारी-
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद, इंटेल के सीईओ लिप-बू टैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि उन्होंने टेक्नोलॉजी, कंप्यूटिंग और भारत के लिए अपार संभावनाओं वाले विविध विषयों पर व्यापक चर्चा की। उन्होंने व्यापक सेमीकंडक्टर डिज़ाइन और निर्माण नीति लागू करने के लिए प्रधानमंत्री की सराहना की और कहा, “इंटेल भारत सेमीकंडक्टर मिशन का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
AI को अपनाने और कौशल विकास पर कॉग्निजेंट-
कॉग्निजेंट के सीईओ रवि कुमार एस और राजेश वरियर ने भी पीएम मोदी से मुलाकात की। कॉग्निजेंट ने अपने पोस्ट में बताया कि यह एक “प्रेरक बातचीत” थी, जिसमें एआई को अपनाने में तेज़ी लाने और एआई क्षमताओं व उत्पादकता को बढ़ाने के लिए शिक्षा एवं कौशल विकास को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। रवि कुमार एस ने भारत के एआई-फर्स्ट रोडमैप की सराहना की।
माइक्रोसॉफ्ट का 17.5 अरब डॉलर का निवेश-
इससे पहले, माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और सीईओ सत्य नडेला भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर चुके थे। सत्य नडेला ने ‘एक्स’ पर लिखा था कि देश की महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट 17.5 अरब डॉलर (लगभग 1.45 लाख करोड़ रुपये) का निवेश कर रहा है। यह एशिया में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है, जिसका उद्देश्य भारत के एआई-प्रधान भविष्य के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे, कौशल और संप्रभु क्षमताओं के निर्माण में मदद करना है।











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