नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से बंद कमरे में करीब 45 मिनट तक मुलाकात की। यह मुलाकात दो साल बाद हुई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि शिवराज एक बार फिर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हो गए हैं।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर लंबे समय से चर्चाएं जारी हैं। कई नेताओं के नाम संभावित सूची में हैं और उनमें शिवराज सिंह चौहान का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है। हालांकि, खुद शिवराज ने इस पर साफ बयान देते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी दी है और वे इसे पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं।
जब उनसे बीजेपी अध्यक्ष बनाए जाने के सवाल पूछे गए तो शिवराज ने कहा—“मेरे लिए यह कभी विचार का विषय नहीं रहा। मुझे कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है और मैं इसे ही पूरी ईमानदारी से निभा रहा हूं। इसके अलावा ना मैंने कभी सोचा है और ना सोच सकता हूं।”
शिवराज सिंह ने अपने बयान में कहा- “मेरे हर रोम में खेती और हर रोम में किसान है। मेरा एकमात्र लक्ष्य है कि किसानों का जीवन बेहतर बने और ग्रामीण महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनें। किसानों की सेवा मेरे लिए भगवान की पूजा के समान है और मैं इस पूजा को जीवनभर करता रहूंगा।”
कृषि मंत्री के तौर पर शिवराज सिंह ने उन कंपनियों को चेतावनी दी है जो बायोस्टिमुलेंट (जैव उत्तेजक पदार्थ) बनाकर किसानों पर खरीदने का दबाव डालती हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने जांच करवाई तो पाया कि इन पदार्थों का कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं है कि यह उत्पादन बढ़ाते हैं। अब तीन ICAR संस्थान और एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी इनका फसल पर परीक्षण करेंगी, ताकि सच सामने आ सके।











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