नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस में अनुशासनहीनता के आरोप में सस्पेंड होने के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने मंगलवार को पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वडिंग द्वारा जारी सस्पेंशन नोटिस को पूरी तरह से नकार दिया और साफ किया कि वह अभी भी पार्टी में हैं।
“मुझे नोटिस से फर्क नहीं पड़ता, लीडरशिप से बात चल रही है”-
नवजोत कौर सिद्धू ने दो टूक कहा, “मुझे यह नोटिस किसने दिया है, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।” उन्होंने दावा किया कि पार्टी के 70 से 90 प्रतिशत कार्यकर्ता उनके साथ हैं। उन्होंने यह भी शर्त रखी कि वह सिर्फ ‘चोरों को सपोर्ट न करने’ के लिए पार्टी में रहेंगी। सिद्धू ने ज़ोर देकर कहा कि वह हर हाल में 2027 के चुनाव में पंजाब में सरकार बनाएंगी।
500 करोड़ वाले बयान पर अड़ीं-
इस दौरान उन्होंने अपने 500 करोड़ रुपये वाले बयान पर सफाई भी दी, लेकिन साथ ही जोर देकर कहा कि उनके पास इस मामले के सबूत हैं और वह इसे सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने के लिए तैयार हैं।
आलाकमान और विपक्ष का रुख-
वहीं, कांग्रेस आलाकमान ने कहा है कि यह फैसला जांच के बाद ही लिया गया है। आम आदमी पार्टी और भाजपा ने इस मामले में कांग्रेस पर हमला बोलते हुए सिद्धू से ‘500 करोड़’ लेने वाले का नाम सार्वजनिक करने की मांग की है। सिद्धू के इन आरोपों और निष्कासन ने कांग्रेस के भीतर की कलह को एक बार फिर सड़क पर ला दिया है।











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