मेरठ। लालकुर्ती थाना क्षेत्र के तोपखाना में शनिवार शाम को थार सवार प्रॉपर्टी डीलर अक्षय शर्मा पर उसके पार्टनर आदर्श चौधरी निवासी फिटकरी इंचौली ने 15 राउंड फायरिंग की। आरोपियों ने लाठी-डंडों से भी हमला किया। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़ित पक्ष ने लालकुर्ती थाने में हंगामा किया। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। एसपी सिटी का कहना है कि दोनों पार्टनरों के बीच 50 लाख रुपये के लेनदेन का विवाद है। केस दर्ज कर लिया गया है।
अक्षय शर्मा और आदर्श चौधरी ने गंगानगर स्थित आरपीजी हाईट्स के पास श्रीश्याम प्रॉपर्टी के नाम से ऑफिस बना रखा है। नगली ईशा इंचौली निवासी अक्षय का 50 लाख रुपये का विवाद चल रहा है। शुक्रवार दोपहर आदर्श अपने पिता पुष्पेंद्र के साथ अपने कार्यालय पर जा रहा था।
आरोप है कि डिवाइडर रोड पर अक्षय ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। आदर्श और पुष्पेंद्र ने अपना रास्ता बदल लिया और वह एक सुनसान इलाके में जाकर छिप गए। इसके बाद अक्षय अपने साथियों के साथ ऑफिस पहुंचा और तोड़फोड़ कर दी। इस मामले की शिकायत आदर्श ने गंगानगर थाने में अक्षय और उसके पांच अज्ञात साथियों के खिलाफ की।
अक्षय पर दो लाख रुपये नकदी, कुछ जमीन के पेपर ले जाने का भी आरोप लगाकर तहरीर दी। शनिवार को अक्षय अपनी थार में सवार होकर तोपखाना की तरफ जा रहा था। आरोप है कि आदर्श शनिवार शाम सात बजे साथियों के साथ पहुंचा और अक्षय पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसमें अक्षय बाल-बाल बच गया। थार के शीशे भी चकनाचूर हो गए।
इस दौरान अफरातफरी मच गई। इसके बाद आरोपी फरार हो गए। सूचना पर लालकुर्ती पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी कब्जे में ले ली है। उधर, चर्चा है कि अक्षय कैंट में रहने वाले पूर्व विधायक के घर जा रहा था। पूर्व विधायक के घर के पास ही घटना हुई। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पड़ताल कर रही है।
आदर्श का कहना है कि उस पर कोई बकाया रुपया नहीं है। अक्षय पर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया था। गंगानगर पुलिस ने इस विवाद का संज्ञान नहीं लिया। उसने गंगानगर पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि आदर्श के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
50 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर अक्षय और आदर्श की दोस्ती दुश्मनी में बदल गई। पुलिस की जांच में सामने आया है कि एक जिला पंचायत सदस्य को जमीन का सौदा आदर्श ने कराया था। आदर्श और अक्षय ने मिलकर इस जमीन को दिलाने के लिए 50 लाख रुपये जिला पंचायत सदस्य से अधिक ले लिए थे। यह बात जिला पंचायत सदस्य के सामने आई तो उसने रुपये मांगे। आदर्श रुपये देने को तैयार हो गया लेकिन अक्षय ने रुपये देने से इन्कार कर दिया। इसी बात पर दोनों में दुश्मनी हो गई।











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