मेरठ। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने भ्रष्टाचार और वाहनों से अवैध वसूली के आरोप में चार ट्रैफिक इंस्पेक्टर समेत 21 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। आरोप है कि एसएसपी के सख्त निर्देशों के बावजूद ये पुलिसकर्मी बाहरी जिलों से आने वाले वाहनों को रोककर वसूली कर रहे थे और लोगों से बदसलूकी भी कर रहे थे।
इनमें से चार दरोगा और छह हेड कांस्टेबल ट्रैफिक पुलिस कार्यालय में तैनात थे, जबकि 11 पुलिसकर्मी परतापुर थाने में कार्यरत थे।
एसएसपी ने बताया कि कई दिनों से बाहरी जिलों से आने वाले वाहनों से अवैध वसूली की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। अधिकारियों ने वाहनों को बिना वजह रोकने से मना किया था, लेकिन इसके बावजूद यह घटनाएं जारी रहीं।
जांच के बाद ट्रैफिक पुलिस कार्यालय में तैनात टीएसआई यशवीर सिंह, दिशु शर्मा, मनीष विश्नोई, प्रवेश मलिक, हेड कांस्टेबल देवेंद्र सिंह, मुंदराज, प्रमेंद्र कुमार, विकास त्रिपाठी, सतेंद्र सिंह और रमेश कुमार को लाइन हाजिर किया गया। वहीं, परतापुर थाने के हेड कांस्टेबल अंकित कुमार, सुखराज सिंह, कृष्ण कुमार, अशोक कुमार, सतीश अत्री, अमित कुमार, कांस्टेबल अजय भारद्वाज, मोहित कुमार, धर्मेंद्र कुमार, मुकेश कुमार और महिला आरक्षी पूजा को भी लाइन हाजिर किया गया है।











Discussion about this post