मुज़फ्फरनगर। मोरना क्षेत्र के टंढेड़ा गाँव में शुक्रवार को बंदरों के आतंक ने एक 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जान ले ली। गाँव निवासी नूरनिशा (72 वर्ष) पत्नी इदरीस अपने मकान की दो मंजिला छत पर गोबर से उपले बना रही थीं, तभी अचानक बंदरों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया।
हमले में बंदरों ने महिला के हाथ और पीठ पर दो जगह काटकर घायल कर दिया। जान बचाने के लिए वह हड़बड़ी में भागीं, लेकिन फिसलकर दोमंजिला छत से नीचे जा गिरीं। बताया गया है कि वह पहले छज्जे पर गिरीं और फिर सड़क पर जा गिरीं। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण नूरनिशा की मौके पर ही मौत हो गई।
गंभीर रूप से घायल महिला को देख परिजनों ने फौरन एक निजी चिकित्सक को बुलाया, जिसने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना से मृतका के पति इदरीस, बेटे यामीन, शौकीन, रहीस, वकील, और बेटियां शकीला, वकीला व हसीबा का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों ने बंदरों के आतंक से उपजी इस घटना पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने का निर्णय लिया और दोपहर बाद शव को सुपुर्द-ए-खाक (दफना दिया) कर दिया। इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में बंदरों के बढ़ते हमलों और आतंक को लेकर चिंता बढ़ा दी है।










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