कानपुर : कानपुर के लक्ष्मणखेड़ा गांव में हुई धीरेंद्र पासी की हत्या में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। धीरेंद्र की पत्नी का उसके भतीजे से प्रेम प्रसंग था। दोनों मिलकर ही धीरेंद्र की हत्या की थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
देशभर में प्रेमी या प्रेमिका के लिए अपने पति या पत्नी के कत्ल करने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। यूपी के कानपुर से भी एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पत्नी ने ऐसा ड्रामा दिखाया कि पुलिस भी उसमें उलझ गई। पुलिस ने पत्नी की बातों पर विश्वास कर बेगुनाह लोगों को जेल भेज दिया। हालांकि अब उन्हें जेल से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फॉरेंसिक और पुलिस जांच में सात दिन बाद ऐसा खुलासा हुआ, जिसे जानकर हर कोई हैरान रह गया। इस हत्याकांड ने मेरठ में हुए सौरभ हत्याकांड की यादें ताजा कर दीं। क्योंकि जिस शख्स का रात में कत्ल हुआ, उसे नींद की गोलियां दी गईं थीं। जिस समय उसे मारा गया वो गहरी नींद में था। पत्नी ने रात में अपने प्रेमी भतीजे के साथ पति को बर्बरता से मार डाला। आइए जानते हैं पूरी कहानी
कानपुर के भीतरगांव के साढ़ के लक्ष्मणखेड़ा गांव में 11 मई को घर के पीछे चारपाई पर धीरेंद्र पासी की लाश मिली थी। शव खून से लथपथ था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में पत्नी ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने दो लोगों को मामले में गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया। मामले की पुलिस और फॉरेंसिक जांच जारी रही।
जांच में चौंकाने वाली जानकारी हाथ लगी। धीरेंद्र की पत्नी रीना ने प्रेमी भतीजे सतीश (सगे जेठ के लड़के) के साथ मिलकर पति की हत्या की थी। पति को दोनों के अफेयर की जानकारी हो गई थी। इस पर वह घर में सीसीटीवी कैमरा लगवाना चाह रहा था।
इसी डर के चलते पत्नी ने पति को खाने में नींद की गोलियां मिलाकर खिलाई। उसके बेसुध होने के बाद प्रेमी को घर बुलाया और आधी रात को लकड़ी के गुटके से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। साढ़ पुलिस ने रविवार को दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एडीसीपी महेश कुमार ने बताया घटना के दिन ही हत्यारे के घर के करीबी होने की आशंका थी। धीरेंद्र की पत्नी रीना की कॉल डिटेल से चौंकाने वाले राज निकलकर सामने आए। रानी और उसके प्रेमी सतीश के बीच एक-एक दिन में 60 से 100 कॉल होने की डिटेल पुलिस को मिली। पूछताछ में दोनों के प्रेम संबंधों का खुलासा हो गया। पूछताछ में पता चला कि सतीश ने अपनी आईडी से दो सिम खरीदे। एक रीना को दिया और एक अपने पास रखा। घटना की रात दोनों एक दूसरे के संपर्क में थे।
पुलिस की जांच में सामने आया कि धीरेंद्र पासी घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए गेहूं बेचकर बीस हजार रुपये भी इकट्ठा कर लिए थे। कैमरे की भनक पर रीना ने उसकी सब्जी में नींद की गोलियां मिलाकर खिला दी। फिर गर्मी होने की बात कह चारपाई घर के पीछे खुले में डाल दी। वहीं पति से बातें करती रही।
धीरेंद्र गहरी नींद में सो गया, जबकि सास चंद्रावती और मासूम बेटे ओनल को कमरे के अंदर कूलर में सुला दिया था। फिर सतीश को घर बुलाकर बाथरूम के ऊपर टांड़ में रखे लकड़ी के गुटके से सिर में ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस को सतीश ने बताया कि हत्या के बाद लकड़ी के गुटके को धोने के लिए बाथरूम में ले जाने से आंगन और कमरे में खून फैलता चला गया। उसने रीना के साथ मिलकर आंगन व कमरे की धुलाई की। कपड़े धुलने के बाद दोनों ने रात में ही बाथरूम में नहाया। फिर वह घर के बाहर बने बगीचे में जाकर सो गया। जब सब लोग शव को देख रहे थे। उसने बेहोश होने का नाटक किया था ताकि कोई उसपर शक न करे।
भतीजे से प्रेम परवान चढ़ने के बाद रीना हर हाल में पति को रास्ते से हटाना चाहती थी। सतीश के मुताबिक धीरेंद्र की हत्या एक माह पहले होनी थी, लेकिन उसी उसी रात भाई मनीष के छत से गिरने से मामला टल गया था। धीरेंद्र का गांव के युवक से विवाद का फायदा लेने के लिए कीरत कुमार, उनके बेटे रवि और भाई राजू पर हत्या का आरोप लगा दिया।
बीते 11 मई की सुबह धीरेंद्र पासी की निर्मम हत्या की घटना के बाद घर के अंदर पुलिस, फिंगरप्रिंट व डॉग स्क्वाड द्वारा गहनता से जांच पड़ताल कर रहे थे। पुलिस के आलाधिकारी, मीडियाकर्मी और ग्रामीणों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी। तभी यह सब देख हत्या करने वाला प्रेमी भतीजा सतीश घर के बाहर बेहोश हो गया था। जिसे परिजन चारपाई पर लिटाकर चेहरे में पानी के छीटें डालकर होश में लाए थे।











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