शामली। सहारनपुर से समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक उमर अली खान पर उत्तर प्रदेश के शामली जिले के जलालाबाद में दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर स्थित अनुसूचित जाति के किसान रूप सिंह की करोड़ों रुपये की जमीन को धोखाधड़ी से अपने नाम दर्ज कराकर हड़पने का आरोप लगा है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि जमीन को आबादी में दर्ज कराने के नाम पर विधायक के नाम फर्जी बैनामा कराया गया। हालांकि, विधायक उमर अली खान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उनके पास जमीन का वैध बैनामा है और किसान ने गलत आरोप लगाए हैं।
दरअसल, मामला शामली जनपद के थानाभवन क्षेत्र का है, जहां जलालाबाद के पास दलित किसान रूप सिंह को करीब पौने तीन बीघा कृषि भूमि का पट्टा सरकार द्वारा आवंटित किया गया था। आरोप है कि 13 अक्टूबर 2014 को इलाके के कुछ लोगों ने जमीन को आबादी में दर्ज कराने के नाम पर धोखाधड़ी से सहारनपुर के बेहट से विधायक उमर अली खान के नाम बैनामा करा लिया। किसान को इसकी जानकारी लगभग 10 साल बाद, 2024 में हुई।
पीड़ित किसान ने डीएम से शिकायत की, जिसके बाद चकबंदी अधिकारी और लेखपाल ने जांच की। लेखपाल ने जमीन के आबादी में न होने की पुष्टि की। रूप सिंह ने इस फर्जी बैनामा को रद्द कराने के लिए कैराना जूनियर डिवीजन कोर्ट में विधायक के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जिसकी अगली सुनवाई 7 जुलाई को है। इसके अलावा, किसान ने जमीन पर दबंगों द्वारा ईंट डालकर कब्जा करने की भी पुलिस से शिकायत की है।
पीड़ित परिवार ने जमीन पर जाकर विधायक उमर अली खान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी अरविंद चौहान से भी न्याय की मांग की।
सहारनपुर के बेहट से सपा विधायक उमर अली खान शामली कलेक्ट्रेट पहुंचे और एसडीएम के सामने अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि किसान के आरोप निराधार हैं। 2017-18 में उन्होंने वैध बैनामा लिया था और सारे पैसे किसान के खाते में जमा कराए गए हैं, जिसके सबूत उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन पर कब्जे का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि वे खुद लगभग 60 बीघा जमीन का किराया दे रहे हैं। विधायक ने किसान पर उनकी छवि धूमिल करने का आरोप लगाया और कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी।











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