शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक महिला ग्राम प्रधान ने कुछ प्रभावशाली लोगों पर उसके चचेरे भाई के प्लॉट पर जबरदस्ती कब्जा करने, अदालत के स्थगन आदेश की अवहेलना करते हुए अवैध निर्माण करने, तथा स्वयं निर्माण को ध्वस्त करने और उसके परिवार पर झूठे आरोप लगाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर जिलाधिकारी (ADM) से इस संबंध में शिकायत की। ADM सत्येंद्र कुमार ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव बलवा की ग्राम प्रधान रेनू चौहान गांव की अन्य महिलाओं के साथ शामली कलेक्ट्रेट पहुंची थीं। उन्होंने ADM को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनके चचेरे ससुर स्व. रामदास, जो दिव्यांग और अविवाहित थे, उन्होंने पानीपत–खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग के पास गांव के ही शहजाद नामक व्यक्ति से 277 गज का प्लॉट खरीदा था। इसी खसरा नंबर में कस्बा कंधला निवासी हाशिम ने भी 220 गज का प्लॉट खरीदा है, जो अलग दिशा में स्थित है और जिसमें हाइवे का जिक्र नहीं है।
ग्राम प्रधान का कहना है कि इसी भूमि को लेकर विवाद के बाद उनके चचेरे ससुर ने कैराना न्यायालय में वाद दायर किया था। कोर्ट ने उनके पक्ष में स्थगन आदेश पारित करते हुए किसी भी प्रकार की दखलंदाजी से रोक लगा दी थी, जो अभी भी प्रभावी है।
ग्राम प्रधान का आरोप है कि इसके बावजूद विपक्षीगणों ने रात के अंधेरे में प्लॉट की नींव को क्षतिग्रस्त कर अवैध निर्माण शुरू करवा दिया। यही नहीं, बाद में खुद ही उस निर्माण को गिरा दिया और आरोप ग्राम प्रधान व उनके परिवार पर मढ़ दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब उनकी राजनीतिक छवि धूमिल करने और उनके पति व ससुर को झूठे मुकदमे में फंसाने के इरादे से किया गया।
महिला प्रधान ने ADM से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और उनके परिवार को झूठे मामलों से बचाया जाए। साथ ही, उन्होंने अपने चचेरे ससुर के प्लॉट को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की भी मांग की है।










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