भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है। भले ही युद्ध की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन पाकिस्तान की कार्रवाई को ‘एक्ट ऑफ वॉर’ ही कहा जाएगा। वह रात के अंधेरे में सीमावर्ती इलाकों का निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, ‘आकाश’ और ‘सुदर्शन चक्र’ S-400 जैसे धाकड़ एयर डिफेंस सिस्टम पाकिस्तानी ड्रोन्स और मिसाइलों को बीच हवा में ही तबाह कर देते हैं। पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह ने BSF, CISF और IB के अधिकारियों के साथ बैठक कर सीमाओं और एयरपोर्ट्स की सुरक्षा की समीक्षा की। स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने भी सभी अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री से बात कर सीमावर्ती सुरक्षा तैयारियों की जानकारी ली।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिटेन, अमेरिका, इटली और यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों से बात की और भारत की संयमित लेकिन निर्णायक रणनीति को साझा किया। सरकार ने साफ किया है कि भारत तनाव नहीं बढ़ाना चाहता, लेकिन किसी भी उकसावे पर सटीक और कठोर जवाब दिया जाएगा।
बॉर्डर से सटे जिलों में लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। एकदम पास के इलाके खाली कराए जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के अलावा पंजाब, राजस्थान और गुजरात के कई जिलों में ब्लैकआउट किया गया है। कई राज्यों में कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। भारत-पाक युद्ध के हालात के बीच IPL को एक हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया गया है। तेल कंपनी IOC ने आश्वासन दिया है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है, घबराने की जरूरत नहीं।
गुरुवार शाम पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में मिसाइल और ड्रोन हमले कर तनाव को बढ़ाने की कोशिश की थी। फिर भारतीय वायुसेना ने इस्लामाबाद, रावलपिंडी, लाहौर और पेशावर तक सटीक जवाबी कार्रवाई की। भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने जम्मू, पठानकोट, उधमपुर जैसे इलाकों में पाकिस्तान की मिसाइलों और ड्रोनों को सफलतापूर्वक मार गिराया। सीमा से सटे इलाकों में रातभर विस्फोट और सायरन गूंजते रहे।











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