नई दिल्ली। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद सिद्दीकी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दिल्ली में हाल ही में हुए आतंकी हमले से जुड़े आरोपों के बाद जांच एजेंसियों ने उन्हें गिरफ्तार किया था। कोर्ट के आदेश के बाद अब उन्हें जेल में रहना होगा, जहाँ जांच एजेंसियां मामले में आगे की पूछताछ करेंगी। जावेद सिद्दीकी को सोमवार, 1 दिसंबर को ईडी हिरासत खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया था।
कौन है अल फलाह यूनिवर्सिटी का मालिक?
जावेद अहमद सिद्दीकी (61) एक विवादास्पद शख्सियत रहे हैं।
पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड: वह पहले भी तीन साल जेल में रह चुके हैं।
चिट फंड घोटाला: पहले वह चिट फंड का कारोबार करते थे और लोगों के पैसे लौटाने में विफल रहे थे, जिसके कारण उनके खिलाफ 14-15 एफआईआर दर्ज की गईं।
यूनिवर्सिटी की स्थापना: माना जाता है कि उन्होंने चिट फंड से कमाए गए पैसों का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी बनाने में किया। हालाँकि, बाद में उन्होंने कथित तौर पर सभी लोगों का पैसा लौटा दिया था और सभी मामलों से बरी हो गए थे।
पुराना धोखाधड़ी का मामला: साल 2000 में, उनके और उनके भाई के खिलाफ 7.5 करोड़ रुपये की हेराफेरी के आरोप में एक एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं लगाई गई थीं।
जावेद सिद्दीकी की गिरफ्तारी के बाद अल फलाह यूनिवर्सिटी की जांच का दायरा बढ़ गया है, क्योंकि यूनिवर्सिटी का नाम दिल्ली में हाल ही में हुए आतंकी हमले से जोड़ा गया है।











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