नई दिल्ली : इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के अब खत्म होने के आसार हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार देर रात दोनों देशों के बीच सीजफायर पर बनी सहमति का ऐलान किया. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि इजराइल और ईरान के बीच ‘पूर्ण युद्धविराम’ पर सिद्धांत रूप में सहमति बन गई है, जिससे ’12 डे वॉर’ का अंत होगा.
ट्रंप ने लिखा, ‘सभी को बधाई! इजराइल और ईरान के बीच पूरी तरह से सहमति बन गई है कि 6 घंटे के भीतर एक पूर्ण और समग्र युद्धविराम लागू होगा (जब तक दोनों देश अपने अंतिम सैन्य अभियानों को पूरा कर लेंगे). पहले 12 घंटे ईरान युद्धविराम का पालन करेगा, फिर इजराइल. इसके 24 घंटे बाद यह युद्ध समाप्त माना जाएगा.’
ट्रंप ने दोनों देशों की ‘हिम्मत, बुद्धिमत्ता और सहनशक्ति’ की तारीफ करते हुए कहा कि यह युद्ध वर्षों तक चल सकता था और पूरे मध्य पूर्व को तबाह कर सकता था, ‘लेकिन ऐसा नहीं हुआ, और कभी नहीं होगा!’
रॉयटर्स ने एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के हवाले से बताया है कि ईरान ने अमेरिका और कतर की मध्यस्थता से इस युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. हालांकि अब तक न तो इजराइल और न ही ईरान की ओर से इस समझौते या इसकी शर्तों की आधिकारिक पुष्टि की गई है.
इस बीच सोमवार को तनाव उस समय और बढ़ गया, जब ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में कतर और इराक में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों की बारिश कर दी. Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कतर में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी वाले अल-उदेद एयरबेस की ओर छह मिसाइलें दागीं. कतर सरकार ने दावा किया कि सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया गया और कोई हताहत नहीं हुआ.
उधर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि 14 मिसाइल दागी गई थीं, जिनमें से 13 को इंटरसेप्ट कर लिया गया और एक से कोई नुकसान नहीं हुआ. हालांकि, ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी का दावा है कि कम से कम तीन मिसाइलें अल-उदेद बेस पर गिरीं. वहीं न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने हमले से पहले कतर को सूचना दी थी ताकि जनहानि को रोका जा सके.
ट्रंप ने युद्धविराम की घोषणा कर दी है और अमेरिकी खेमे में इस पर उत्सव जैसा माहौल है, लेकिन बिना इजराइल और ईरान की आधिकारिक पुष्टि के यह समझौता अधूरा माना जा रहा है. वहीं, कतर और अमेरिका के राजनयिक सूत्रों के अनुसार, अगर अगले 24 घंटे शांति से गुजरते हैं तो औपचारिक समझौते की घोषणा संभव है.











Discussion about this post