मुजफ्फरनगर। चरथावल थाना क्षेत्र के गांव दूधली में दो दिन पूर्व करंट लगने से संविदा लाइनमैन की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।फरार चल रहे बिजलीघर के जेई राजकुमार और एसएसओ अरुण कुमार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
गौरतलब है कि बीते सोमवार को ग्राम दूधली स्थित बिजलीघर पर तकनीकी खराबी को ठीक करने के लिए संविदा पर तैनात लाइनमैन जितेंद्र उर्फ बारू शटडाउन लेकर बिजली के खंभे पर चढ़ा था। आरोप है कि जब जितेंद्र मरम्मत कार्य कर रहा था, उसी दौरान बिजलीघर से लापरवाहीवश अचानक सप्लाई चालू कर दी गई, जिससे वह करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
इस दर्दनाक हादसे से गांव में भारी आक्रोश फैल गया। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पर पहुंचे किसान संगठनों, भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी और भाजपा नेता भी परिजनों के साथ धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार को मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। लगभग पांच घंटे तक चला यह धरना प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ।
मृतक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने जेई राजकुमार और एसएसओ अरुण कुमार के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया था। घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे।
चरथावल कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अगर इसमें अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।










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