मुजफ्फरनगर। बीए छात्र उज्ज्वल राणा के आत्मदाह मामले में न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार और छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। परिवार का आरोप है कि मामले के बाद हुई पंचायत में प्रशासन और नेताओं द्वारा दिए गए आश्वासन खोखले साबित हुए। प्रमुख आरोपियों की गिरफ्तारी अधूरी है और सरकार की ओर से आर्थिक सहायता या नौकरी संबंधी कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया।
8 दिसंबर से डीएवी कॉलेज
पर अनिश्चितकालीन आंदोलन-
इस उपेक्षा से आहत होकर, मृतक के चाचा सचिन राणा और बहन सलोनी राणा ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित कर बड़े आंदोलन का ऐलान किया।
उन्होंने घोषणा की कि-
“8 दिसंबर से डीएवी कॉलेज बुढ़ाना के मुख्य गेट पर परिवार और छात्र अनिश्चितकालीन (बेमियादी) धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे।”
परिवार ने स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों पर मामले की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जिले के सभी समाज के लोगों से इस न्याय की लड़ाई में शामिल होने की अपील की है।
अधूरी मांगें और अधूरे वादे-
प्रेस वार्ता में बताया गया कि उज्ज्वल की मौत के बाद डीएवी कॉलेज में हुई पंचायत में 10 प्रमुख मांगों पर सहमति बनी थी, जिनमें से एक भी मांग पूरी नहीं हुई है। परिवार का आरोप है कि नामजद मुख्य आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं और कॉलेज परिसर में उज्ज्वल की प्रतिमा लगाने की घोषणा भी पूरी नहीं की गई।
छात्र नेता वीशू मलिक ने चेतावनी दी कि अगर मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो छात्रों में बढ़ता रोष एक बड़े आंदोलन का रूप ले लेगा।
मामले की पृष्ठभूमि-
गौरतलब है कि डीएवी डिग्री कॉलेज बुढ़ाना में फीस जमा न होने पर प्राचार्य और शिक्षकों से विवाद के बाद 7 नवंबर को उज्ज्वल राणा ने उत्पीड़न और मारपीट का आरोप लगाया था। इस घटना से आहत होकर उन्होंने 8 नवंबर को कॉलेज परिसर में आत्मदाह कर लिया था, जिसके बाद 9 नवंबर को उनका निधन हो गया था।
10 नवंबर को डीएवी कॉलेज के सामने छह घंटे की पंचायत के बाद दस मांगों पर सहमति बनी। अभी तक प्राचार्य प्रदीप कुमार और पीटीआई संजीव कुमार की गिरफ्तारी हुई है, जबकि मुख्य आरोपी कॉलेज प्रबंधक अरविंद कुमार गर्ग और अन्य की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। एसएसपी ने लापरवाही बरतने वाले कुछ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया।










Discussion about this post