मुज़फ़्फ़रनगर। जिले के खतौली कस्बे में पुलिस थाने की पिछली दीवार से चंद कदमों की दूरी पर शुक्रवार देर रात एक दुस्साहसिक डकैती की वारदात ने पूरे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। मोहल्ला लाल मौहम्मद में तीन हथियारबंद बदमाश नासिर पुत्र यूसुफ के घर में घुस गए, परिवार के सदस्यों को बंधक बना लिया और 62 तोले सोना व साढ़े बारह लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए।
वारदात का विवरण-
जानकारी के अनुसार, गृहस्वामी नासिर अपनी भांजी की शादी के रिसेप्शन में रिश्तेदारों के साथ बाहर गए हुए थे। घर में उनके छोटे भाई नाजिम, नाजिम की पत्नी शबीना, भांजे अददू और अददू की पत्नी मौजूद थे।
रात करीब 9:30 बजे, जब डोरबेल बजी, तो शबीना ने दरवाजा खोला। बाहर खड़े तीन युवकों में से एक ने खुद को ‘डेकोरेशन वाला’ बताया और ‘खाला’ (मौसी) कहकर संबोधित किया। सामान लेने के बहाने, उन्होंने धक्का देकर घर में प्रवेश किया। दो बदमाश हेलमेट पहने हुए थे, जबकि तीसरे ने मंकी कैप पहन रखी थी।
बंधक बनाकर लूटा सामान-
बदमाशों ने घर में मौजूद शबीना, नाजिम, अददू और उनकी पत्नी को तमंचे व चाकू दिखाकर धमकाया। सभी को रस्सियों से हाथ बांधकर एक कमरे में बंद कर दिया गया। करीब पौन घंटे तक घर में रुककर बदमाशों ने दूसरी मंजिल पर स्थित नासिर के कमरे की अलमारी तोड़ी और उसमें रखे 62 तोले सोने के जेवर और 12.5 लाख रुपये नकद लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश आराम से फरार हो गए। शबीना ने किसी तरह अपने हाथ की गांठ खोली और शोर मचाया, तब जाकर मोहल्ले वालों को घटना की जानकारी मिली।
पुलिस महकमे में हड़कंप, उच्चाधिकारी मौके पर-
थाने की पिछली दीवार से इतनी करीब हुई इस बड़ी डकैती की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस में हड़कंप मच गया। सीओ रामाशीष यादव और कोतवाल दिनेश चन्द्र बघेल तत्काल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, देर रात एसएसपी संजय कुमार वर्मा और एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत भी खतौली पहुंचे। एसएसपी ने कोतवाल दिनेश चन्द्र बघेल को वारदात का शीघ्र खुलासा करने का सख्त आदेश दिया है।
जमीन बेचने का था इनपुट?
पुलिस को आशंका है कि बदमाशों को इस बात की जानकारी थी कि नासिर ने हाल ही में सफेदा रोड स्थित अपनी खेती की जमीन करीब दो करोड़ रुपयों में बेची थी। पुलिस मान रही है कि इसी सूचना के आधार पर डकैती की घटना को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। डॉग स्क्वायड और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं।










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