नई दिल्ली। एक बड़ी कामयाबी में, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने कनाडा के सरे में कॉमेडियन कपिल शर्मा के “कैप्स कैफे” में हुई गोलीबारी के कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी को इंटरस्टेट और क्रॉस-बॉर्डर ऑर्गनाइज़्ड क्राइम नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
इंस्पेक्टर मान सिंह, अरविंद और सुंदर गौतम की लीडरशिप में क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे 24 और 25 नवंबर की रात को लुधियाना में एक ठिकाने से गिरफ्तार किया।
ACP संजय नागपाल और DCP संजीव कुमार यादव की पूछताछ में सेखों ने अपनी कार में छिपे गैर-कानूनी हथियारों की जानकारी दी। पुलिस को कार से चीन में बनी PX-3 मॉडल की सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और आठ ज़िंदा कारतूस मिले।
पुलिस के मुताबिक, सेखों सितंबर 2023 में एम्प्लॉयमेंट वीज़ा पर कनाडा गया था, जहाँ वह जल्द ही गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के गैंग के संपर्क में आया और उसका एक अहम सदस्य बन गया।
सेखों पहले भी हैरी चट्ठा गैंग से जुड़ा था और कनाडा में उसके खिलाफ साजिश और गैर-कानूनी हथियार रखने के मामले दर्ज थे।
कनाडा पुलिस की कार्रवाई के बाद, जब एक साथी की गिरफ्तारी से पता चला कि उसका नाम मुख्य साज़िशकर्ता के तौर पर है, तो वह गिरफ्तारी से बचने के लिए सितंबर 2025 में भारत भाग गया।
बंधु मानसिंह सेखों ने दिल्ली पुलिस की पूछताछ में माना कि ‘कैप्स कैफे’ में हुई फायरिंग में उनका अहम रोल था, जिसे जुलाई 2025 में खुलने के बाद तीन बार टारगेट किया गया था।
उसकी ज़िम्मेदारियों में हमलों की योजना बनाने में मदद करना, हमलावरों को रसद सहायता उपलब्ध कराना और गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम देना शामिल था। इन हमलों की ज़िम्मेदारी गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों और कुलवीर सिद्धू ने ली थी।
जांच में शुरू में मंदीप सिंह और दलविंदर कुमार को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से आठ विदेशी पिस्तौल और 84 ज़िंदा कारतूस बरामद किए गए। उनसे पूछताछ में यह कन्फर्म हुआ कि सेखों को भी हथियारों की खेप में से एक पिस्तौल दी गई थी, जिससे यह साबित हुआ कि वह एक इंटरस्टेट और क्रॉस-बॉर्डर हथियार तस्करी नेटवर्क में एक्टिव था।
पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी विदेश में बैठे गिरोहों को मिल रहे व्यापक समर्थन को उजागर करती है, जिसमें पाकिस्तान स्थित गैंगस्टरों, पाकिस्तानी हथियार डीलरों और आईएसआई तक की संलिप्तता सामने आ रही है।











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