मुजफ्फरनगर। गुरुवार को नई मंडी थाने पर भाकियू (तोमर) के प्रदर्शन ने उस समय हिंसक रूप ले लिया जब पुलिस और संगठन पदाधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि थाना प्रभारी दिनेश चंद्र बघेल ने लाठीचार्ज के आदेश दे दिए। इसके बाद वहां भगदड़ मच गई और प्रदर्शनकारी अपने गमछे, चप्पल, ट्रैक्टर-ट्रॉली मौके पर ही छोड़कर भाग गए। बाद में एसएसपी कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया गया।
इस दौरान संगठन के युवा प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिम) अंकित चौधरी समेत 10 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उनका मेडिकल परीक्षण कराया। पुलिस ने कई वाहनों को सीज भी किया है।
बताया गया कि अंकित चौधरी ने एक सप्ताह पहले पुलिस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए 19 जून को कोतवाली घेराव की चेतावनी दी थी। इसके बाद संगठन ने गांव-गांव बैठकें कर रणनीति बनाई और गुरुवार को सैकड़ों कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे।
प्रदर्शन में युवा प्रदेश अध्यक्ष रिहान चौधरी, जिलाध्यक्ष सोनू चौधरी, सलीम मलिक, इरशाद रई, शादाब राणा, गयूर अहमद, विजय लक्ष्मी, रविता चौधरी समेत कई कार्यकर्ता शामिल हुए। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से कोतवाली को घेरकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए।
नई मंडी कोतवाली प्रभारी दिनेश बघेल ने कहा कि कुछ दिन पूर्व कूकड़ा गांव में दो पक्षों में मारपीट हुई थी, जिसमें गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति का मामला दर्ज किया गया। भाकियू पदाधिकारी दूसरे पक्ष की ओर से क्रॉस केस दर्ज कराने का दबाव बना रहे थे। धरना स्थल पर महिला कांस्टेबल से अभद्रता किए जाने के बाद चेतावनी के बावजूद जब प्रदर्शनकारी नहीं माने, तो लाठीचार्ज करना पड़ा।
पुलिस कार्रवाई से नाराज भाकियू तोमर के कार्यकर्ता दोबारा थाने पहुंचे और जिलाध्यक्ष निखिल चौधरी के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर के निर्देश पर शुक्रवार को संगठन की बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
सीओ मंडी रूपाली राय ने बताया कि आठ लोगों को निरोधात्मक रूप से हिरासत में लिया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
भाकियू तोमर के युवा जिलाध्यक्ष सोनू चौधरी ने कहा कि 12 जून को विक्की पुत्र देवेंद्र से ₹72,000 की लूट हुई, लेकिन पुलिस ने अब तक कार्रवाई नहीं की। ऐसे ही मामलों को लेकर शांतिपूर्ण धरना दिया गया था, जिसे जबरन दबाया गया।










Discussion about this post