शामली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थायी हाई कोर्ट बेंच की स्थापना की मांग अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। बुधवार को शामली जिला बार एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर शहर की सड़कों पर पैदल मार्च निकाला और कलेक्ट्रेट पर जबरदस्त प्रदर्शन किया।
संघर्ष की तीसरी पीढ़ी भी मैदान में-
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने भावुक और कड़े स्वर में कहा कि इस मांग को उठाते हुए अब 50 साल बीत चुके हैं। अधिवक्ता समाज की तीसरी पीढ़ी भी इस संघर्ष में शामिल हो गई है, लेकिन आज तक किसी भी सरकार ने पश्चिमी यूपी के 22 जनपदों के करोड़ों लोगों को सुलभ न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया।
पैदल मार्च और शक्ति प्रदर्शन-
हाथों में बैनर और पोस्टर लिए वकील नारेबाजी करते हुए शामली की मुख्य सड़कों से गुजरे और कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। वकीलों ने तर्क दिया कि प्रयागराज (इलाहाबाद) की अत्यधिक दूरी के कारण गरीब वादकारियों को सस्ता और त्वरित न्याय मिलना नामुमकिन होता जा रहा है।
सरकार को अल्टीमेटम-
अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही हाई कोर्ट बेंच की स्थापना के लिए ठोस निर्देश जारी नहीं किए, तो वे अनिश्चितकालीन धरने और चक्का जाम जैसे उग्र कदम उठाने को मजबूर होंगे।
निष्कर्ष: शामली में हुआ यह प्रदर्शन न केवल वकीलों की एकजुटता को दर्शाता है, बल्कि यह सरकार के लिए एक कड़ा संदेश भी है कि अब इस दशकों पुरानी मांग को और अधिक समय तक टाला नहीं जा सकता।











Discussion about this post