मुजफ्फरनगर। जनपद के दवा बाजार में दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने गुरुवार को जिला परिषद मार्केट में सघन छापेमारी की। इस दौरान टीम ने तीन प्रतिष्ठित मेडिकल एजेंसियों पर जांच पड़ताल की और संदिग्ध दवाओं के पांच सैंपल एकत्र किए।
तीन जिलों के अधिकारियों ने मिलकर की जांच-
जिला औषधि निरीक्षक पवन कुमार शाक्य के नेतृत्व में गठित विशेष टीम में मेरठ के औषधि निरीक्षक पियूष कुमार और बुलंदशहर के औषधि निरीक्षक अनिल आनंद शामिल रहे। भारी पुलिस बल और अंतर-जनपदीय टीम को देखकर मार्केट के व्यापारियों में खलबली मच गई।
इन एजेंसियों पर हुई कार्रवाई-
जांच टीम ने मुख्य रूप से जिला परिषद मार्केट स्थित निम्नलिखित तीन फर्मों पर छापा मारा:
क्वालिटी मेडिसिन कंपनी
जगदीश मेडिसिन कंपनी
आनंद मेडिकल एजेंसी
स्टॉक रजिस्टर और सप्लाई चेन की बारीकी से जांच-
अधिकारियों ने एजेंसियों के स्टॉक रजिस्टर का दवाइयों के भौतिक स्टॉक से मिलान किया। इसके अलावा, पिछले कुछ महीनों में की गई दवाओं की बिक्री और सप्लाई के रिकॉर्ड को भी खंगाला गया। टीम ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि प्रतिबंधित या घटिया स्तर की दवाएं बाजार में न पहुंचें।
सैंपल परीक्षण के लिए भेजे गए-
निरीक्षण के दौरान टीम ने अलग-अलग दवाओं के पांच सैंपल लिए हैं, जिन्हें सरकारी प्रयोगशाला (लैब) में परीक्षण के लिए भेजा गया है। जिला औषधि निरीक्षक पवन कुमार शाक्य ने बताया कि यदि जांच रिपोर्ट में दवाएं मानकों के विपरीत पाई गईं, तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










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