सहारनपुर। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सोमवार की रात एक भयानक हादसा हो गया, जिसमें सहारनपुर के शेखपुरा कदीम गांव के रहने वाले पांच पेंटरों की दम घुटने से मौत हो गई। ये सभी लोग काम के सिलसिले में कुरुक्षेत्र गए थे और होटल के कमरे में ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाकर सोए थे।
कैसे हुई घटना?
21 दिसंबर को ठेकेदार नूर (26) अपने साथ गांव के सोनू, मदनपाल, रोशनपाल और रामकुमार को पेंटिंग के काम के लिए कुरुक्षेत्र ले गया था। सोमवार रात काम खत्म करने के बाद सभी पिपली रोड स्थित ‘होटल स्टर्लिंग रिसॉर्ट’ के एक कमरे में रुके। कड़ाके की ठंड के कारण उन्होंने कमरे में अंगीठी जलाई और सो गए। कमरे में वेंटिलेशन न होने के कारण धुआं भर गया और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनने से पांचों की सोते समय ही मौत हो गई।
मंगलवार सुबह जब कमरे से कोई हलचल नहीं हुई, तो सफाईकर्मी ने खिड़की से देखा। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर पांचों के शव पड़े मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना (Asphyxiation) बताया गया है।
मृतकों का विवरण: बिखर गए कई परिवार-
इस हादसे ने कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है:
नूर और सोनू (सगे भाई): ठेकेदार नूर की शादी महज 5 महीने पहले हुई थी। उसका भाई सोनू भी इस हादसे का शिकार हुआ, जिसकी शादी 3 साल पहले हुई थी। दोनों भाइयों की मौत से माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
रोशनपाल और रामकुमार (जीजा-साला): रोशनपाल अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों (दो बेटियां, एक बेटा) को छोड़ गया है। उसका जीजा रामकुमार मूल रूप से तीतरों के महमूदपुर का निवासी था, जो फिलहाल सहारनपुर के गलीरा रोड पर रह रहा था। उसके भी तीन बच्चे हैं।
मदनपाल: मदनपाल के तीन बच्चे (दो बेटियां, एक बेटा) हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि मदनपाल ने हादसे वाली रात ही अपने परिवार से फोन पर बात की थी और एक-दो दिन में घर लौटने का वादा किया था।
गांव में शोक की लहर-
जैसे ही यह खबर सहारनपुर के शेखपुरा कदीम गांव पहुंची, पूरे इलाके में मातम पसर गया। एक साथ पांच चिताएं उठने की खबर से हर आंख नम है। जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस परिजनों की मदद में जुटे हैं।











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