मुजफ्फरनगर। प्रदूषण की गंभीर स्थिति को लेकर आज कलेक्ट्रेट परिसर में एक चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला। सामाजिक कार्यकर्ता विजय हिंदुस्तानी ने कड़ाके की ठंड में अर्धनग्न होकर और खुद को लोहे की जंजीरों में बांधकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उनके चेहरे पर लगा ऑक्सीजन मास्क यह संदेश दे रहा था कि शहर की हवा अब सांस लेने लायक नहीं बची है।
जहरीली होती हवा और कैंसर का खतरा-
विजय हिंदुस्तानी ने जिले की औद्योगिक इकाइयों, विशेष रूप से भोपा रोड पर स्थित फैक्ट्रियों पर गंभीर आरोप लगाए। उनके प्रदर्शन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
बाहर का कचरा: आरोप है कि स्थानीय फैक्ट्रियों में बाहर से भारी मात्रा में कूड़ा-कचरा लाकर जलाया जा रहा है, जिससे वातावरण में जहरीला धुआं फैल रहा है।
बीमारियों का अंबार: प्रदर्शनकारी का दावा है कि इस प्रदूषण के कारण आसपास के गांवों में लोग सांस की बीमारियों और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
प्रशासनिक उदासीनता: विजय ने कहा कि उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और प्रदूषण विभाग से शिकायत की, लेकिन अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
“या तो फैक्ट्रियां हटाओ, या मानक लागू करो”-
प्रदर्शनकारी युवक और उनके साथ मौजूद छात्र नेता विशाल ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है। उनकी मांग है कि:
प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों को रिहायशी इलाकों से दूर स्थानांतरित (Transfer) किया जाए।
फैक्ट्रियों को कड़े पर्यावरण मानकों के अनुसार संचालित करने के लिए मजबूर किया जाए।
विजय हिंदुस्तानी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही प्रदूषण पर लगाम नहीं लगाई गई, तो वे एक बड़ा जन आंदोलन शुरू करेंगे।










Discussion about this post