नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत गुरुवार को 75 वर्ष के हो गए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और आरएसएस में उनके नेतृत्व की सराहना की। भागवत 2009 से संघ के सरसंघचालक हैं और उनके कार्यकाल में संगठन ने समाज के विभिन्न वर्गों तक अपनी पहुंच बढ़ाई है, जिनमें अल्पसंख्यक भी शामिल हैं।
मोहन भागवत के जन्मदिन पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से उन्हें शुभकामनाएं दी। इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें वसुधैव कुटुम्बकम की जीवंत मिसाल बताया। साथ ही कहा कि 2009 से अब तक का उनका कार्यकाल संघ के 100 वर्षों के इतिहास में सबसे परिवर्तनकारी रहा है। पीएम मोदी ने आगे भागवत के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोहन भागवत ने समाज सेवा और युवाओं के चरित्र निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें राष्ट्र निर्माण और भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में प्रेरणास्रोत बताया। इस दौरान जेपी नड्डा ने कहा कि भागवत के नेतृत्व में संघ ने सेवा, समर्पण और एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया है। इसके साथ ही महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।
गौरतलब है कि 75वर्ष के मोहन भागवत एक संघ प्रचारक के बेटे हैं। वे संघ के विभिन्न पदों पर रह चुके हैं और देश के कई हिस्सों में काम कर चुके हैं। उन्होंने हाल ही में अल्पसंख्यकों से संवाद के लिए तीन दिवसीय कार्यक्रम भी आयोजित किया था। भागवत के कुछ ऐसे विचार जैसे ‘हर मस्जिद के नीचे शिवलिंग नहीं ढूंढना चाहिए’ या ‘भारत में सभी का डीएनए एक है’ लगातार चर्चा का विषय बना रहा है, लेकिन वे लगातार एक समावेशी हिंदुत्व के पक्षधर रहे हैं।











Discussion about this post