मेरठ। सोमवार को मेरठ विकास प्राधिकरण (एमईडीए) की टीम लिसाड़ीगेट में एक अवैध कॉलोनी को ध्वस्त करने गई थी। इस दौरान लिफ्ट मशीन 11 केवी बिजली लाइन से टकरा गई। इससे करंट लगने पर मशीन चालक 55 वर्षीय छोटेलाल की मौत हो गई। लाइन से टकराने के बाद तेज धमाके के कारण आसपास के लोगों में भगदड़ मच गई। सूचना मिलते ही मेदा के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पांडव नगर निवासी छोटेलाल एलीवेटर मशीन चालक थे। उनके परिवार में पत्नी शांति, बेटा दिनेश, पुत्रवधू गीता, एक पोता आयुष और पोती किट्टू है। टीम सोमवार को समर गार्डन मदीना कॉलोनी में अवैध रूप से बन रही कॉलोनी का ध्वस्तीकरण करने के लिए गई थी।
कार्रवाई के दौरान एलीवेटर मशीन छोटेलाल चला रहे थे। साथ में हेल्पर प्रकाश भी मौजूद था। इसी दौरान मशीन का अगला हिस्सा 11केवी की विद्युत लाइन से टकरा गया था। इससे मशीन में करंट उतर आया। छोटेलाल मशीन से नीचे गिर गए। मशीन से गिरने व झुलसने के कारण उनकी मौत हो गई।
अधिकारियों और आसपास के लोगों ने भागकर जान बचाई। सूचना मिलने के बाद बिजली विभाग ने आपूर्ति बंद की। इस दौरान मौजूद कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि फिलहाल तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर कार्रवाई की जाएगी।
हादसे की सूचना मिलने के बाद बेटा दिनेश घटनास्थल पर पहुंचा। पिता का शव जमीन पर पड़ा देखकर वह बिलख पड़ा। बेटा बार-बार पिता को उठने के लिए कह रहा था। रिश्तेदारों ने किसी तरह पीड़ित को संभाला।
अवैध कॉलोनी के ध्वस्तीकरण के दौरान सोमवार को वाहन चालक छोटेलाल की मौत पर कर्मचारियों ने गहरा रोष जताया। उन्होंने बरसात के दौरान अभियान चलाने पर सवाल उठाए। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मामले में मेडा उपाध्यक्ष को ज्ञापन दिया गया। कर्मचारियों ने कहा कि बरसात में अक्सर करंट आ जाता है। ऐसे में अधिकारियों ने अभियान क्यों चलवाया गया।
मेरठ विकास प्राधिकरण, मेरठ कर्मचारी संगठन और कर्मचारी यूनियन की ओर से कर्मचारियों ने प्राधिकरण कार्यालय में प्रदर्शन किया। अध्यक्ष सुशील त्यागी, महामंत्री देवेंद्र, मयंक, सचिन, पंकज गुप्ता, आशाराम, महेश महतो, महेश शर्मा, निशांत सिंह, राजकुमार सचिन सिंह समेत विभिन्न कर्मचारी ने छोटे लाल की मौत पर रोष जताया। प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि सोमवार को निरंतर बारिश होने के बावजूद बिजली विभाग की अनुमति के बिना यह कार्रवाई की गई। उन्होंने मांग की कि बरसात में अवैध कॉलोनी गिरने के आदेश पारित करने वाले अधिकारी के विरुद्ध जांच करते हुए करवाई की जानी चाहिए। ऐलान किया कि अगर कार्रवाई नहीं की जाती तो कर्मचारी आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।











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