मेरठ। पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा के विरोध में अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के अध्यक्ष सचिन सिरोही ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस की धक्कामुक्की के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला फूंक दिया। इस दौरान सचिन की पुलिस से भी तीखी नोकझोंक हो गई। जिसके बाद सचिन सिरोही निवासी मानसरोवर व संजय सभरवाल निवासी शर्मानगर को सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया। दोनों की जमानत खारिज हो गई। वकीलों ने हंगामा कर दिया। बाद में दोनों को अंतरिम जमानत मिली।
अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने संजय सभरवाल, बालकृष्ण राय और अन्य 50 कार्यकर्ताओं के साथ कमिश्नरी पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला फूंका। इस दौरान सिविल लाइन पुलिस से पुतला छीनने को लेकर उनकी छीनाझपटी भी हो गई, लेकिन कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। सचिन सिरोही ने कहा कि जिस तरह से यूपी के सीएम के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग ममता बनर्जी ने किया है, वह बर्दाश्त से बाहर है। संजय सभरवाल और सचिन को गिरफ्तार करके सिविल लाइन थाने ले गई। कार्यकर्ताओं की भीड़ देखकर सचिन और संजय सदर थाने भेजा गया।
सदर बाजार थाने में सचिन सिरोही के खिलाफ एक धार्मिक स्थल के बाहर हनुमान चालीसा पढ़कर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने का आरोप का मुकदमा दर्ज है। इसी मामले में पुलिस ने सचिन और संजय का सदर बाजार पुलिस ने चालान कर दिया। सचिन को एसीजेएम कोर्ट में पेश किया। यहां से उन्हें जमानत मिल गई।











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