मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में मोहर्रम की दसवीं तिथि पर रविवार को 74 जुलूस निकाले गए, जिनमें शहर का सबसे बड़ा और संवेदनशील मातम जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए थे और सभी जुलूसों को सकुशल संपन्न कराया गया।
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शहर का प्रमुख जुलूस खादरवाला, किदवई नगर, लद्दाखवाला, मिमलाना और मल्लूपुरा से निकलकर हनुमान चौक पर एकत्र हुआ। ऐहतियात के तौर पर चौक स्थित हनुमान मंदिर को लाल कपड़े से ढका गया। मंदिर के पुजारी पंडित सच्चिदानंद ने बताया कि यह एक पुरानी परंपरा है जो वर्षों से निभाई जा रही है। उन्होंने कहा, “बस थोड़ी सतर्कता के तहत मंदिर को ढका गया था, डरने की कोई बात नहीं है। जुलूस गुजरने के बाद मंदिर को पुनः खोल दिया गया।”
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी जुलूसों को निर्धारित मार्गों से सकुशल संपन्न कराया गया। विशेष रूप से शहर के मुख्य जुलूस को सेक्टर स्कीम के तहत मैजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की निगरानी में निकाला गया। उन्होंने बताया कि “बल्लम हलवाई से होकर गौशाला रोड, काली नदी क्रॉस करते हुए जुलूस कर्बला पहुंचकर संपन्न हुआ। किसी भी स्थान पर कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।”
प्रशासन की तत्परता और समुदायों के सहयोग से यह अवसर सौहार्द और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन और पुलिस बल की तैनाती की सराहना की। वहीं महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बना दिया।
जुलूस के दौरान अकीदतमंद नौहे पढ़ते और मातम करते नजर आए। इस मौके पर सभी खलीफाओं और धर्मगुरुओं ने संयम और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।











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