मुंबई। वसई इलाके के हनुमंत विद्या मंदिर में शुक्रवार को बाल दिवस पर एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। स्कूल में देर से पहुंचने पर 6वीं क्लास की छात्रा काजल उर्फ आशिका गौंड को टीचर ने सजा के तौर पर 100 उठक-बैठक लगवाए, जिसके कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
परिवार का आरोप है कि टीचर की अमानवीय सजा ही बच्ची की तबीयत बिगड़ने और इलाज के दौरान मौत का कारण बनी। परिवार ने बताया कि सजा के समय छात्रा की पीठ पर उसका स्कूल बैग भी रखा गया था, जिससे उसके पीठ और कमर के निचले हिस्से में तेज दर्द हुआ।
बच्ची को पहले नालासोपारा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे मुंबई के जेजे अस्पताल रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान काजल ने दम तोड़ दिया। परिवार ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं और दोषी टीचर को जिम्मेदार ठहराया है।
इस घटना के बाद राजनीति भी गरमाई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज नहीं होगा, तब तक वह स्कूल नहीं खुलने देंगे।










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