मुजफ्फरनगर। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की अपील पर आज शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान काली पट्टी बांधकर आतंकवाद के खिलाफ विरोध जताने के लिए सभी मुस्लिम समुदाय से आह्वान किया गया था। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में इसका कुछ हद तक असर देखने को मिला।
मुजफ्फरनगर के मीनाक्षी चौक स्थित तकिया वाली मस्जिद में मुस्लिम समाज के लोगों ने जुम्मे की नमाज के दौरान हाथों में काली पट्टी बांधकर आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। यहां पर मुस्लिम समाज के पुरुषों ने मस्जिद में नमाज अदा करते हुए काली पट्टी बांधकर अपना विरोध व्यक्त किया। वहीं, मुस्लिम महिलाओं ने अपने घरों में काली पट्टी बांधकर इस प्रदर्शन में अपनी अहम भूमिका निभाई।
हालांकि, इस अपील का असर जिले के अन्य हिस्सों में सीमित ही रहा। एआईएमआईएम पार्टी से जुड़े नेता और कार्यकर्ता ही इस प्रदर्शन में शामिल हुए, और ओवैसी के अनुयायी जुम्मे की नमाज के दौरान काली पट्टी बांधते नजर आए।
नमाज के बाद, उपस्थित लोगों ने आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों की आत्मा की शांति के लिए दुआ की। प्रदर्शन में शामिल मुस्लिम युवक शाह अब्दुल्ला ने कहा कि “हम आतंकवाद के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कर रहे हैं और चाहते हैं कि कश्मीर में हुए कायराना हमलों में शामिल अपराधियों को सख्त सजा दी जाए। हमारी सुरक्षा एजेंसियों को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए और मजबूत कदम उठाने चाहिए।”
घर में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करने वाली मुस्लिम महिला अमरीन ने कहा कि “हम कश्मीर और बॉर्डर पर हो रहे आतंकी हमलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारे मुस्लिम पुरुष मस्जिद में नमाज अदा कर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं महिलाएं घर में रहकर काली पट्टी बांधकर इस विरोध में शामिल हो रही हैं। हम चाहते हैं कि यह प्रदर्शन धार्मिक न होकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बने। हम चाहते हैं कि आतंकवादियों को सख्त सजा मिले।”
एआईएमआईएम पार्टी के नेता अरशद राणा ने कहा कि “हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी साहब की वीडियो कॉल पर अपील आई थी कि आज जुम्मे के दिन हम सभी मुस्लिम समाज काली पट्टी बांधकर आतंकवाद के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन करें। इसलिए हमने मस्जिद में नमाज अदा की और आतंकवादियों के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त किया। हम अपने पड़ोसी देश से कहना चाहते हैं कि कश्मीर हमारा है और पाकिस्तान द्वारा कब्जे वाला क्षेत्र भी हमारा है। हम प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से अपील करते हैं कि इन आतंकवादियों को ऐसी सजा दी जाए कि भविष्य में कोई भी भारत पर ऐसी नजरें न डाले।”










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