मुजफ्फरनगर। जनपद के थाना फुगाना क्षेत्र के गांव जोगियाखेड़ा में आपसी भाईचारे की एक अनुपम मिसाल देखने को मिली। एक मुस्लिम नाबालिग किशोरी के अपहरण के मामले में हुई ‘सर्वसमाज’ की पंचायत ने न केवल तनाव को खत्म किया, बल्कि हिन्दू-मुस्लिम एकता की एक नई मिसाल पेश की।
“तुम्हारी बेटी हमारी बेटी है”
मामला तब शुरू हुआ जब क्षेत्र के एक गांव से हिन्दू समुदाय का एक युवक 16 वर्षीय मुस्लिम किशोरी को बहला-फुसलाकर ले गया। इस संवेदनशील स्थिति में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सोमवार को जोगियाखेड़ा में दोनों समुदायों के गणमान्य लोगों की महापंचायत हुई। पंचायत में मौजूद हिन्दू समाज के जिम्मेदार लोगों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए स्पष्ट कहा, “मुस्लिम समाज की बेटी हमारी अपनी बेटी है।”
अपराधी के खिलाफ एकजुट हुआ समाज-
पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हिन्दू समाज के लोग स्वयं इस मामले में आगे आकर किशोरी की तलाश करेंगे और उसे सुरक्षित व सम्मानपूर्वक उसके परिजनों तक पहुँचाएंगे। हिन्दू समाज की इस सकारात्मक पहल और उदारता की मुस्लिम समाज ने खुले दिल से सराहना की। इस निर्णय ने न केवल इलाके में संभावित तनाव को शांत कर दिया, बल्कि विश्वास की डोर को और मजबूत किया।
पंचायत में इनकी रही मौजूदगी-
आपसी विश्वास की इस पंचायत में जिला पंचायत सदस्य पति मोमीन बाबा, नारायण सिंह, राघेन्दर सिंह, राधे ठाकुर, दीपक प्रधान और ईश्वर सिंह सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
मुजफ्फरनगर के ग्रामीणों की इस पहल ने संदेश दिया है कि अपराध और अपराधी का कोई धर्म नहीं होता, और मानवता की रक्षा के लिए पूरा समाज एकजुट है।










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