मुज़फ्फरनगर। पूर्व विधायक शाहनवाज राणा की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले जीएसटी टीम की महिला अधिकारी के साथ अभद्रता और हमले के मामले में जेल की हवा खा रहे राणा अब भू-माफिया के आरोपों में घिरते नज़र आ रहे हैं। ताज़ा मामला भूमि पर अवैध कब्जा, धमकी और डराने-धमकाने से जुड़ा है, जिसमें शाहनवाज राणा, उनके साले कामरान राणा और नौकर मुस्तकीम अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
यह मुकदमा मंसूरपुर थाने में दर्ज कराया गया है। शिकायतकर्ता रईस अहमद जैदी पुत्र फतह जैदी, निवासी दक्षिणी कृष्णापुरी, मुज़फ्फरनगर ने आरोप लगाया है कि वह मूल रूप से संधावली गांव का रहने वाला है। गांव में उसकी एक बीघा कृषि भूमि है, जिस पर उसने लिप्टिस के पेड़ लगा रखे हैं।
रईस के अनुसार, इस भूमि के निकट ही शाहनवाज राणा की बेनामी कृषि भूमि भी है, जिसकी देखरेख उनके साले कामरान राणा (निवासी सूजडू) और नौकर मुस्तकीम अंसारी (निवासी दधेड़ू) करते हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मुस्तकीम एक अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जो शाहनवाज राणा के नाम का डर दिखाकर इलाके में जमीनों पर अवैध कब्जे करता है। उसी ने कामरान के साथ मिलकर रईस की एक बीघा भूमि को पेड़ों सहित कब्जा कर लिया और बिक्री का दबाव बना रहा है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि विरोध करने पर धमकाया जाता है, खेत में जाने का रास्ता रोक दिया गया है और सिंचाई के लिए ट्यूबवेल से पानी भी नहीं दिया जा रहा, जबकि इसके पैसे लिए जा चुके हैं।
थाना प्रभारी मंसूरपुर के मुताबिक, शिकायत के आधार पर बीएनएस की धाराओं 308(5), 351(2), और 351(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शाहनवाज राणा पहले से जेल में हैं, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
रईस जैदी ने आरोप लगाया कि शाहनवाज राणा ने गांव संधावली में नायाब फातिमा नामक महिला के नाम पर 17 बीघा ज़मीन खरीदी, लेकिन मौके पर आस-पास की अन्य ज़मीनों पर भी कब्जा कर उसे 30 बीघा बना दिया गया। इनमें से एक बीघा भूमि रईस की बताई गई है। इस बेनामी संपत्ति की देखरेख कामरान और मुस्तकीम करते हैं। रईस ने यह भी आरोप लगाया कि शाहनवाज राणा के इशारे पर कामरान ने उसे फोन कर धमकी दी कि यदि जमीन नहीं दी तो जान से मरवा दिया जाएगा।
शिकायत में रईस ने यह भी बताया कि राणा परिवार के लड़के लग्ज़री गाड़ियों में हथियारों से लैस होकर जमीन पर आते हैं, और दहशत फैलाने के लिए फायरिंग करते हैं। विरोध करने पर कहा जाता है कि “बंदूक की सफाई कर रहे हैं।”
इतना ही नहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि कभी-कभी ये लड़के लड़कियों को लेकर भी वहां आते हैं और “गंदे काम” करते हैं। अवैध हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन करते हुए आस-पास के किसानों को डराया जाता है।
मुस्तकीम पर आरोप है कि वह खेतों की डोल खुद खड़ा होकर कटवाता है और कब्जा करवाता है। रईस का यह भी कहना है कि जब उसने अपनी ट्रॉली खेत से निकालनी चाही, तो मुस्तकीम ने उसे डरा-धमकाकर पैसे वसूले।
गौरतलब है कि मुस्तकीम का नाम पहले भी राणा स्टील प्रकरण में सामने आ चुका है। 5 दिसंबर को जीएसटी की छापेमारी के दौरान टीम पर हमला करने वालों में वह भी शामिल बताया गया था।











Discussion about this post