मुजफ्फरनगर। सावन माह की कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर धार्मिक नामों के इस्तेमाल को लेकर बहस फिर गर्मा गई है। यूपी सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि कोई ढाबा या रेस्टोरेंट संचालक अपना नाम और धर्म छुपाकर ‘शिव ढाबा, गणपति ढाबा’ जैसे नामों से मांसाहारी भोजन बेचता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा, “धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान जरूरी है। यदि कोई भ्रम फैलाकर धोखाधड़ी करता है, तो यह न केवल अवैध है, बल्कि आस्थाओं का अपमान भी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत भी धोखा नहीं दिया जा सकता। होटल और ढाबे मालिकों को स्पष्ट रूप से अपने नाम और भोजन की प्रकृति (वेज/नॉनवेज) लिखनी होगी।”
कपिल देव अग्रवाल ने कहा, “हमने पहले भी कहा था और अब भी स्पष्ट कर रहे हैं कि शिव, राम, गणपति जैसे धार्मिक नामों से किसी रेस्टोरेंट या ढाबे का संचालन कर नॉनवेज बेचना पूरी तरह गलत है। अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर कार्रवाई होगी।” उन्होंने कहा कि प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी ढाबों पर मालिक का सही नाम और विक्रय की वस्तु का विवरण स्पष्ट रूप से अंकित हो।
कांवड़ यात्रा को लेकर मुजफ्फरनगर पुलिस और प्रशासन भी सतर्क है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि यात्रा को शांतिपूर्वक और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी विभागों के साथ समन्वय किया गया है। रोड, बिजली, स्वच्छता, सुरक्षा, और यातायात व्यवस्था के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
उन्होंने कहा, “कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर एक प्रमुख मार्ग है, जहां से होकर लाखों शिवभक्त गुजरते हैं। इसलिए इस बार अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है और पहले से बेहतर प्रबंध किए जा रहे हैं। किसी भी प्रकार की शिकायत को गंभीरता से लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।”











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