आचार्य चाणक्य मौर्य काल में सबसे प्रभावशाली विद्वानों में शामिल थे. उन्होंने अपने नीति शास्त्र में जीवन के पहलुओं को सरल व प्रभावशाली तरीके से समझाया है. चाणक्य नीति में कहा गया है कि कुछ लोगों को भूलकर भी पैर नहीं लगाना चाहिए. ऐसा करने से इंसान के सारे पुण्य नष्ट हो जाते हैं और जीवन दुखों से भर जाता है.
1. चाणक्य नीति के अनुसार किसी वृद्ध व्यक्ति, गुरु या ब्राह्मण को पैर नहीं लगाना चाहिए. बल्कि ऐसे लोगों का सम्मान करना चाहिए.
2. कन्याओं को और छोटे बच्चों को भगवान स्वरूप माना जाता है. जिन्हें भूलकर भी पैर नहीं लगाना चाहिए. इन्हें पैर लगाने वालों को जीवनभर तकलीफें झेलनी पड़ती हैं.
3. माता-पिता को भगवान का दर्जा दिया जाता है. मां-बाप के चरणों में ही आदमी का स्थान होना चाहिए. उन्हें कभी गलती से भी पैर नहीं लगना चाहिए.
4. घर में रखी देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियों को कुछ लोग घर से बाहर फेंक देते हैं, जो जाने-अनजाने लोगों के पैरों में आती हैं. इसलिए इस एक गलती से बचें.
5. चाणक्य नीति के अनुसार हमें भूलकर भी अग्नि को पैर नहीं लगाना चाहिए. ऐसा करना महापाप है. ऐसे लोगों को जीवनभर परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
6. हिंदी धर्म में गाय को माता समान माना जाता है, जिसकी पूजा भी की जाती है. गाय को गलती से भी पैर नहीं लगाना चाहिए. ऐसा करने वालों पर संकट के बादल मंडराने लगते हैं.











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