मुजफ्फरनगर। किसानों की लंबित समस्याओं और तहसील स्तर पर व्याप्त कथित भ्रष्टाचार के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू तोमर) ने शुक्रवार को सदर तहसील में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के युवा प्रदेश अध्यक्ष अंकित गुर्जर के आह्वान पर सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तहसील पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
अवैध वसूली पर गंभीर आरोप-
भाकियू तोमर के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि खेती से जुड़े छोटे-छोटे कामों के लिए भी किसानों को तहसील के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। ज्ञापन में तहसील प्रशासन और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं-
खसरा-खतौनी- किसानों से खसरा-खतौनी जैसे मूलभूत दस्तावेज निकलवाने के नाम पर भी अवैध वसूली की जा रही है।
धारा 80 (भूमि उपयोग परिवर्तन): यदि कोई किसान अपनी कृषि भूमि को अकृषि (गैर-कृषि) उपयोग के लिए धारा 80 के तहत परिवर्तित करना चाहता है, तो फाइल पर पहले हस्ताक्षर से लेकर अंतिम हस्ताक्षर तक किसानों से अवैध उगाही की जाती है।
संगठन ने मांग की है कि तहसील के कार्यों को निष्पक्ष तरीके से पूरा किया जाए और किसानों का उत्पीड़न तुरंत बंद किया जाए।
ओवरलोडिंग पर रोक की मांग-
किसानों ने एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की कथित मिलीभगत से सड़कों पर ओवरलोडिंग वाहन दौड़ रहे हैं, जिनसे दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। भाकियू तोमर ने इन ओवरलोडिंग वाहनों पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की है।
आंदोलन की चेतावनी-
इन सभी समस्याओं को लेकर भाकियू तोमर ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान की मांग की है। युवा प्रदेश अध्यक्ष अंकित गुर्जर ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो भारतीय किसान यूनियन तोमर तहसील स्तर पर एक बड़ा और व्यापक आंदोलन छेड़ने को मजबूर होगा।
इस प्रदर्शन में पश्चिम प्रदेश अध्यक्ष रिहान चौधरी, सलीम मलिक, इरशाद रई, नौशाद, सोनू मुस्तफा, गयूर अली, मुकेश गुर्जर समेत कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।










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