बिजनौर। रविवार दोपहर बिजनौर जिले के चांदपुर थाना इलाके में उस समय हंगामा मच गया, जब राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन ने पुलिस टीम के साथ जनजीवन नर्सिंग होम पर छापा मारा। आरोप है कि मुजफ्फरनगर के चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया गैर-कानूनी तरीके से क्लिनिक चला रहे थे।
जैसे ही टीम दोपहर करीब 1:13 बजे क्लिनिक में घुसी, डॉ. तेवतिया अपने चैंबर में बैठे मिले। उसके सामने उनके नाम का एक बोर्ड लगा था। टीम को देखते ही वह उठे और अटैच्ड टॉयलेट में जाकर उसे अंदर से बंद कर लिया।
पुलिस दरवाज़ा खटखटाती रही, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। करीब पाँच मिनट बाद, जब पुलिस दरवाज़ा तोड़ने की धमकी देने लगी, तो डॉ. तेवतिया बाहर आए, अपनी जेब से रूमाल निकाला और अपने माथे से पसीना पोंछने लगे।
15 मिनट तक चली तीखी बहस-
चेंबर के अंदर करीब 15 मिनट तक संगीता जैन और डॉ. तेवतिया के बीच बहस होती रही।
संगीता जैन ने कहा कि “पहले भी आपको चेतावनी दी थी कि दूसरे जिले में आकर अवैध क्लिनिक मत चलाइए। 300 रुपए लेकर मरीज देखते थे, पर्चियां भी मिली थीं।
इस पर डॉ. तेवतिया बार-बार यही कहते रहे—“मैं कोई अवैध काम नहीं कर रहा हूं मैडम, मैं यहां क्लिनिक नहीं चला रहा हूं।
डॉक्टर का कहना था कि वे रविवार को छुट्टी पर थे और सिर्फ अपनी पत्नी से मिलने आए थे। पत्नी ने भी यही बात दोहराई।
जिस पर चांदपुर थाना प्रभारी अमित कुमार ने पूछताछ में कहा कि “अगर आप कोई गलत काम नहीं कर रहे थे, तो हमें देखते ही टॉयलेट में क्यों छिपे?
इस पर डॉक्टर ने सफाई दी—“मुझे टॉयलेट लगी थी, इसलिए गया था। इसमें छिपने वाली कौन सी बात है?
संगीता जैन ने आरोप लगाया कि डॉ. तेवतिया का एक स्थानीय पैथोलॉजी से टाई-अप है, जहां से मरीजों के जरिए अवैध उगाही की जाती है। उन्होंने बताया कि हर रविवार बड़ी संख्या में मरीज यहां आते हैं और क्लिनिक से ही दवाएं दी जाती हैं।
संगीता जैन ने कहा कि वे इस पूरे मामले की शिकायत उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, स्वास्थ्य विभाग और बिजनौर के CMO से करेंगी कि सीएमओ स्तर का अधिकारी इस तरह अवैध क्लिनिक चलाता मिला है, यह बेहद गंभीर मामला है।











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