मुजफ्फरनगर। जनपद में पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों को चूना लगाने वाले दो शातिर ठगों को शाहपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरोह इतना शातिर था कि पहले लोगों को पुरानी गाड़ियाँ बेचता था और फिर खुद ही ‘पुलिस’ बनकर उन गाड़ियों को चोरी का बताकर वापस लूट लेता था। पुलिस ने इनके पास से खाकी वर्दी और नकदी बरामद की है।
ठगी का अनोखा ‘मोडस ऑपेरंडी’-
एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल ने इस गिरोह के काम करने के तरीके का खुलासा करते हुए बताया कि ये लोग पहले किसी व्यक्ति को सेकेंड हैंड कार या बाइक बेचते थे। सौदा होने और पैसे मिलने के कुछ दिनों बाद गिरोह का एक सदस्य पुलिस की वर्दी पहनकर खरीदार के घर पहुँच जाता था। वह गाड़ी को चोरी की बताकर खरीदार को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाता और वर्दी का रौब दिखाकर गाड़ी वापस ले आता था। इस तरह पीड़ित के पैसे भी चले जाते थे और गाड़ी भी।
2.97 लाख की कार और ‘नकली दरोगा’ का छापा-
ताजा मामला डिंडावली निवासी आदित्य के साथ हुआ। आदित्य ने शाहपुर के खतोला निवासी नवाब उर्फ धौला से 2 लाख 97 हजार रुपये में एक कार खरीदी थी। कुछ दिन बाद नवाब का साथी मुकीम, जो खुद को दरोगा बता रहा था, वर्दी पहनकर आदित्य के घर पहुँचा। उसने गाड़ी को चोरी की बताकर आदित्य को धमकाया और कार लेकर चंपत हो गया।
पुलिस ने बिछाया जाल, दबोचे गए आरोपी-
जब पीड़ित आदित्य को शक हुआ, तो उसने शाहपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार को छापेमारी की और आरोपी नवाब व मुकीम को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 50 हजार रुपये नकद और पुलिस की वर्दी बरामद हुई है।
बाकी साथियों की तलाश जारी-
एसपी ग्रामीण ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपी शाहपुर क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस ‘नकली पुलिस’ गिरोह ने अब तक और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।










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