मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर की सदर तहसील में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के मोरना ब्लॉक अध्यक्ष अंकित जावला के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम निकिता शर्मा से मिला और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने क्षेत्र की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को उठाया और शीघ्र समाधान की मांग की।
किसानों ने मांग की खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए – किसानों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में समय पर खाद नहीं मिल रही है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है। नकली कीटनाशक और फंगीसाइड की बिक्री पर रोक – किसानों ने फसलों को नुकसान पहुंचा रहे नकली कृषि रसायनों की खुलेआम बिक्री पर सख्त कार्रवाई की मांग की। खसरा-खतौनी में अंश निर्धारण की गड़बड़ियां – किसानों का आरोप है कि कुछ लेखपाल गलत अंश निर्धारण के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। लेखपालों की रिश्वतखोरी पर रोक – भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु गांव-गांव कैंप – किसान सम्मान निधि, वृद्धावस्था और विधवा पेंशन जैसी योजनाओं के लिए कैंप लगाए जाएं। आधार कार्ड सुधार के नाम पर हो रही वसूली रोकी जाए। आवारा पशुओं की समस्या का समाधान किया जाए। रामपुर गांव के सरकारी नाले को खत्म किया जाए, जो ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
अंकित जावला ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि अगर इन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) बड़े आंदोलन की राह अपनाएगी और सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा।
यह ज्ञापन किसानों की लंबे समय से अनसुनी मांगों को प्रशासन के सामने रखने का एक गंभीर प्रयास है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।











Discussion about this post