मुजफ्फरनगर। जनपद में ‘न्यू मैक्स सिटी’ भूमि प्रकरण और शहर की जहरीली हवा के खिलाफ सोमवार को विरोध का एक बेहद खतरनाक रूप देखने को मिला। समाजसेवी विकास बालियान द्वारा करोड़ों के घोटाले की परतें खोलने के बाद, अब युवा सामाजिक कार्यकर्ता अजय पंडित ने रेलवे स्टेशन स्थित ऊंचे टावर पर चढ़कर शासन-प्रशासन की नींद उड़ा दी। इस ‘शोले’ स्टाइल प्रदर्शन ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया।
दो सूत्रीय मांग पर अड़ा प्रदर्शनकारी-
आवास विकास कॉलोनी निवासी अजय पंडित सुबह-सुबह नई मंडी क्षेत्र स्थित रेलवे टावर के शिखर पर जा बैठा। हाथ में मोबाइल और ज़ुबान पर भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रोश लिए अजय ने दो टूक मांग रखी:
प्रदूषण पर प्रहार: जिले की मिलों में जल रहे कचरे और उससे फैल रहे जानलेवा प्रदूषण पर तत्काल रोक लगाई जाए।
न्यू मैक्स सिटी की जांच: करोड़ों के कथित न्यू मैक्स सिटी भूमि घोटाले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच हो।
पुलिस के फूले हाथ-पांव, घंटों चला संवाद-
युवक के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही नई मंडी कोतवाल ब्रिजेश शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अजय पंडित ने टावर के ऊपर से ही वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें वह कह रहा था कि जब तक सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर आकर आश्वासन नहीं देते, वह नीचे नहीं उतरेगा। काफी मशक्कत और बातचीत के बाद उसे नीचे उतारा जा सका।
क्या है ‘न्यू मैक्स सिटी’ का करोड़ों का खेल?
यह मामला बेहद गंभीर है। समाजसेवी विकास बालियान ने हाल ही में जिलाधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में सनसनीखेज आरोप लगाए थे:
SEBI में बंधक भूमि: आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर न्यू मैक्स सिटी की 212.51 एकड़ भूमि सेबी (SEBI) के पास गिरवी रखी गई थी, जिसका 2013 में मूल्य करीब 307 करोड़ रुपये था।
धोखाधड़ी का आरोप: आरोप है कि सेबी के पास मूल दस्तावेज होने के बावजूद, 2022 से 2024 के बीच इस भूमि को मात्र 95 करोड़ रुपये में विभिन्न कंपनियों और व्यक्तियों को बेच दिया गया।
प्रशासनिक मिलीभगत का सवाल: बालियान ने सवाल उठाया है कि बिना सेबी की अनुमति और बिना मूल कागजों के तहसील में रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज (Mutations) कैसे संभव हो गए?
प्रदूषण ने भी बढ़ाया गुस्सा-
प्रदर्शनकारी अजय पंडित ने शहर की मिलों से निकलने वाले काले धुएं और कचरा जलाने से जनता को हो रही बीमारियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उसने चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार और प्रदूषण की यह जुगलबंदी मुजफ्फरनगर के भविष्य को बर्बाद कर रही है।
प्रशासन ने फिलहाल युवक को आश्वासन देकर नीचे उतार लिया है, लेकिन इस हाईप्रोफाइल भूमि प्रकरण ने जिले के राजस्व विभाग और बड़े भू-माफियाओं के बीच के कथित सांठगांठ की पोल खोल दी है।










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